Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मंजुल भारद्वाज की कविता – घर

कविता घर मंजुल भारद्वाज   घर मेरे अस्तित्व के सांसारिक पहलू का आयाम है सृजन की वैचारिक प्रतिबद्धता के अर्थ…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – तथ्य और सत्य

कविता तथ्य और सत्य मंजुल भारद्वाज तथ्य लोग धर्म में मुक्ति खोजते हैं सत्य धर्म मुक्ति नहीं गुलामी देता है!…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – अपने को मथती लेखनी

कविता अपने को मथती लेखनी मंजुल भारद्वाज   इंतज़ार कर रहा हूं घड़ियां गिन रहा हूं लिखते हुए सफ़र को…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – माँ का सृजन सौन्दर्य

कविता माँ का सृजन सौन्दर्य  मंजुल भारद्वाज   एक माँ की सुंदरता सिर्फ़ उसका सृजन होता है स्त्री की सुंदरता…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – विद्रोह ही कला है!

कविता विद्रोह ही कला है! – मंजुल भारद्वाज   आपके इर्द गिर्द एक जाल है जन्म का भाषा का राष्ट्र…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – मैं शून्य में ताकता रहता हूँ !

कविता मैं शून्य में ताकता रहता हूँ ! -मंजुल भारद्वाज   मैं शून्य में ताकता रहता हूँ शून्य बड़ा हो…

Blogआंदोलन/ प्रदर्शन/ धरनानाटक रंगमंच थियेटर

शुद्ध क्रांति,जन आन्दोलन,जन जागरण से अब मार्केटिंग ‘टूल’ हो गया है “नुक्कड़ नाटक”

शुद्ध क्रांति,जन आन्दोलन,जन जागरण से अब मार्केटिंग ‘टूल’ हो गया है “नुक्कड़ नाटक”    मंजुल भारद्वाज नुक्कड़ नाटक क्या है…

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मंजुल भारद्वाज की एक लघु कविता

मंजुल भारद्वाज की एक लघु कविता व्यवस्था से हारी भीड़ जब गांव छोड़ शहर की ओर भागती है तब उसका…