तर्कशील पुस्तक मेला 21 से 23 अगस्त तक बरनाला,पंजाब में

तर्कशील पुस्तक मेला 21 से 23 अगस्त तक बरनाला,पंजाब में

पुस्तक मेले में रचनात्मक साहित्य, वैज्ञानिक सोच, पत्रकारिता और स्वास्थ्य विषय पर सेमिनार का होगा आयोजन

बरनाला। समाज में रचनात्मक साहित्य, स्वस्थ संस्कृति और वैज्ञानिक चेतना को विकसित करने के उद्देश्य से तर्कशील सोसायटी पंजाब द्वारा प्रसिद्ध तर्कशील बुद्धिजीवी शहीद डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की याद को समर्पित तीन दिवसीय पुस्तक मेला तर्कशील भवन, बरनाला में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। डाक्टर नरेंद्र दाभोलकर को 20अगस्त 2013 को सवेरे सैर करते धर्मांध लोगों ने हत्या कर दी थी।

इस पुस्तक मेले में पंजाब के नामचीन प्रकाशकों द्वारा तर्कशील, इंकलाबी, मानवतावादी और प्रगतिशील साहित्य के स्टॉल लगाए जाएंगे।

प्रदेश कमेटी की बैठक की जानकारी देते हुए प्रांतीय संगठनात्मक प्रमुख मास्टर राजिंदर भदौड़, प्रदेश कमेटी नेताओं हेम राज स्टेनो, राजपाल बठिंडा, राम स्वर्ण लक्खेवाली और सुमीत अमृतसर ने बताया कि पुस्तक मेले में 21 अगस्त को डॉ. दाभोलकर की बेटी डॉ. मुक्ता दाभोलकर पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के बाद ‘महाराष्ट्र की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्य, उपलब्धियां और चुनौतियां’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगी।

दूसरे सत्र में प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञों डॉ. अमृतपाल सिंह, डॉ. जगरूप सिंह और डॉ. जशनप्रीत सिंह द्वारा ‘आम बीमारियों से जुड़े मिथक और उनका वैज्ञानिक सच’ विषय पर चर्चा की जाएगी।

22 अगस्त को पहले सत्र में ‘पंजाबी साहित्य और वैज्ञानिक चेतना’ विषय पर प्रसिद्ध चिंतक डॉ. राजिंदरपाल सिंह , पूर्व डीन पंजाबी यूनिवर्सिटी,पटियाला मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील लेखक संघ के प्रांतीय महासचिव डॉ. कुलदीप दीप द्वारा की जाएगी। इसी दिन दूसरे सत्र में पत्रकार गौरी लंकेश को समर्पित ‘मीडिया और सांप्रदायिकता’ विषय पर प्रसिद्ध जन-पक्षधर पत्रकारों शिवइंदर, अंशुल छत्रपति, जतिंदर कौर तुड़ और नेहा दीक्षित द्वारा गंभीर विचार-चर्चा की जाएगी।

तीसरे सत्र में प्रसिद्ध विद्वान प्रो. हरविंदर सिंह भट्टी ‘युवा पीढ़ी का प्रवास और माता-पिता का संकट’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।

23 अगस्त को अंतिम दिन प्रसिद्ध चिंतक और फिल्म निर्माता प्रो. गौहर रज़ा ‘वर्तमान दौर में वैज्ञानिक सोच को चुनौतियां और हमारे कार्य’ विषय पर विचार साझा करेंगे।


अंतिम सत्र में भाषा विभाग पंजाब के सहयोग से प्रसिद्ध नाटककार और निर्देशक कीर्ति कृपाल के निर्देशन में नाटक ‘सुकरात’ प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध उपन्यासकार बलदेव सड़कनामा करेंगे।

इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए पुस्तक मेला आयोजन समिति के नेताओं दीप दिलबर, खुशवंत बरगाड़ी, अमित मित्र और वरिंदर दिवाना ने बताया कि इस पुस्तक मेले में छात्रों की सुंदर लिखावट (सुलेख) प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित करने के साथ-साथ गायन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी तथा विजेता छात्रों को नकद पुरस्कार और तर्कशील पुस्तकें देकर सम्मानित किया जाएगा।

प्रदेश कमेटी नेताओं सुखविंदर बागपुर, गुरप्रीत शहणा, मोहन बडला, जूझार लोंगोवाल और कुलजीत डांगरखेड़ा ने सभी छात्रों, लेखकों, पाठकों, शिक्षकों, रंगकर्मियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, दुकानदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और जनवादी लोकतांत्रिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों को परिवारों सहित इस पुस्तक मेले में शामिल होने और जन-पक्षधर साहित्य व स्वस्थ संस्कृति से जुड़ने का खुला निमंत्रण दिया है।

प्रस्तुति : गुरमीत अंबाला

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