Blogआलेख विचारराजनीतिकराष्ट्रीय

तमिलनाडु : मोदीशाही की दुहरी हार

राजनीति तमिलनाडु : मोदीशाही की दुहरी हार! राजेंद्र शर्मा तमिलनाडु में आखिरकार, जनतंत्र को पांवों तले रोंदने की कोशिश विफल…

Blogआलेख विचारवामपंथी दल

क्या कम्युनिस्ट देशद्रोही होते हैं?

क्या कम्युनिस्ट देशद्रोही होते हैं? मोहम्मद सलीम क्या हमारे देश के कम्युनिस्ट गैर-भारतीय हैं? यदि नहीं, तो फिर कम्युनिस्टों से…

Blogआलेख विचारआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

स्त्री अस्मिता और सामाजिक परिदृश्य-2 

साहित्य आलोचना के सरोकार स्त्री अस्मिता और सामाजिक परिदृश्य-2 ओमसिंह अशफ़ाक (यह तो तय है कि आधी आबादी की उपेक्षा…

Blogआलेख विचारसमय/समाज

कॉरपोरेट का अमृतकाल, जनता की बदहाली

कॉरपोरेट का अमृतकाल, जनता की बदहाली धर्मेन्द्र आज़ाद   टीवी पर “5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी”, “अमृतकाल”, “विश्वगुरु” और “विकसित भारत”…

Blogआलेख विचारसमय/समाज

भीड़ आसान रास्ते चुनती है, पहचान मुश्किल राहों पर बनती है

सामाजिक सरोकार भीड़ आसान रास्ते चुनती है, पहचान मुश्किल राहों पर बनती है वहां खोदने का फैसला लें, जहां कोई…

आलेख विचारचुनावबंगाल केरल तमिलनाडु पुडुचेरी असमविधानसभा चुनाव

भेदभाव के उकसावे को अंततः पराजय का मुंह देखना पड़ता है

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे पर विशेष टिप्पणी भेदभाव के उकसावे को अंततः पराजय का मुंह देखना पड़ता है शंभुनाथ…