Blogराजनीतिकसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

कुर्सी के नीचे दबा हुआ लोकतंत्र

कुर्सी के नीचे दबा हुआ लोकतंत्र रत्ना भदौरिया   बासाहेब से शिकायत है—आखिर यह कैसा लोकतंत्र है, जिसमें जनता अपने…

Blogआलेख विचारसमय/समाज

रत्ना भदौरिया की संवेदनशीलता में डूबी बौद्धिक सक्रियता चकित करती है..!

रत्ना भदौरिया की संवेदनशीलता में डूबी बौद्धिक सक्रियता चकित करती है..! दया शंकर राय ये रत्ना भदौरिया Ratna Bhadouriya हैं।…

Blogदिल्लीसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

दिल्ली की घटनाओं पर साहित्यकारों की चुप्पी

दिल्ली की घटनाओं पर साहित्यकारों की चुप्पी रत्ना भदौरिया   कुछ लोग मुझसे नाराज़ होंगे—अव्वल तो इसलिए कि मुझे छपने-छपाने,…