Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – सफ़र और सोच

लघु कथा सफ़र और सोच डॉ रीटा अरोड़ा   “माँ, इस बार हम चार देशों की यात्रा करके आए हैं!”…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – पिंजरा

लघु कथा पिंजरा डॉ रीटा अरोड़ा   “तुम हर बार मुझे रोक क्यों लेते हो?” चिड़िया ने पूछा। “क्योंकि मैं…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – वह छोटी सी ना

लघुकथा वह छोटी सी ना डॉ रीटा अरोड़ा   “मैंने कह दिया ना, मुझे यह ठीक नहीं लगता।” पति ने…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – फल का चक्र

लघु कथा फल का चक्र डॉ रीटा अरोड़ा रमेश अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा था। डॉक्टर ने रिपोर्ट देखते हुए…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – किसी बात पर यक़ीन करने से पहले…

लघु कथा किसी बात पर यक़ीन करने से पहले… डॉ रीटा अरोड़ा “दादाजी, देखिए!” अरनव ने मोबाइल स्क्रीन आगे करते…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघुकथा – थोड़ा सा अपने लिए

लघु कथा थोड़ा सा अपने लिए डॉ रीटा अरोड़ा   “माँ, आप हर बात पर हाँ क्यों कह देती हो?”…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघुकथा – सच्ची पूजा

लघु कथा सच्ची पूजा डॉ रीटा अरोड़ा     “माँ, चार धाम करके आया हूँ।” “अच्छा! मन शांत हुआ?” “बहुत।…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघु कथा – हर बार समझाना जरूरी नहीं होता

लघु कथा हर बार समझाना ज़रूरी नहीं होता डॉ रीटा अरोड़ा “तुम फिर देर से आए?” माँ ने दरवाज़ा खोलते…