Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – बोल भाई नत्थूराम

कविता बोल भाई नत्थूराम ओमसिंह अशफ़ाक   हाड़ तुडावैं दिन-और-रात गर्मी-सर्दी हो बरसात कुणबे के ना पटते पूरे सारे कारज़…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – कबीर चौकड़ा

कविता कबीर चौकड़ा ओमसिंह अशफ़ाक 1 कबीरा एक बार फिर आजा ! खतरे में है अपनी थाती हमको तेरी याद…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – इस दर्द से रिश्ता मेरा है!

कविता इस दर्द से रिश्ता मेरा है! ओमसिंह अशफ़ाक   ये दर्द अकेला ना तेरा है! इस दर्द से रिश्ता…

कविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – अर्बन एस्टेट

कविता अर्बन एस्टेट ओमप्रकाश अशफ़ाक   बाहर से बेशक तंदुरुस्त ही दिखते हैं- अर्बन एस्टेट के लोग! भीतर से लेकिन…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – नेता, पुलिस और जेल का खेल

कविता नेता, पुलिस और जेल का खेल ओमसिंह अशफ़ाक   नेता-पुलिस का बेढब मेल, बेढब मेल..! जेल के अंदर ठेलम-ठेल..!…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – बन्दा रिक्शा खींच रहा है!

कविता बन्दा रिक्शा खींच रहा है! ओमसिंह अशफ़ाक नया-नया किसी गांव से आया! लगता  है  झिझका-शरमाया! ना रहने का कोई…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – युवती कूड़ा बीन रही है!

कविता युवती कूड़ा बीन रही है! ओमसिंह अशफ़ाक     युवती कूड़ा बीन रही है! साठ साल में भी दीन…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता: नन्ही दुनिया

 कविता नन्ही दुनिया ओमसिंह अशफ़ाक यह छोटी सी जो बच्ची है मन की कितनी ये सच्ची है पापा की प्यारी…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता: संतति के पग

कविता संतति के पग ओमसिंह अशफ़ाक   आया है घर में बरसों बाद एक जीवंत खिलौना सांसों में अटका है…

Blogआपदाकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता: भूकंप में बच्चे

कविता भूकंप में बच्चे ओमसिंह अशफ़ाक   बच्चो, तुम गा रहे हो अभी भी सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा…