Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – कहे सबका मालिक भगवान रै बाबा कविता कहे सबका मालिक भगवान रै बाबा ओमसिंह अशफ़ाक क्यूं गफ़लत में गल़तान रै बाबा ! इब कड़ै रहे… Pratibimb Media20 July 202620 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविताएं- दृष्टि,ऊर्जा,सीखना और अलाव ओमसिंह अशफ़ाक की कविताएं- कविता का जन्म, दृष्टि, ऊर्जा, सीखना और अलाव कविता का जन्म फ़सल सी उगती है… Pratibimb Media18 July 202618 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता- जाति, धर्म और प्यार-2 कविता जाति, धर्म और प्यार-2 ओमसिंह अशफ़ाक कैसा तो ये राज है, कैसा है कानून । प्रेम तो मंहगा हुआ,… Pratibimb Media17 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – जात, धर्म और प्यार-1 कविता जात, धर्म और प्यार-1 ओमसिंह अशफ़ाक वैदिक युग में सुण्या करैं थे, देव-असुर संग्राम । नयी सदी ये कैसा… Pratibimb Media16 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक का लोक गीत- पिया घर क्यों ना आवै, हो रामजी! लोक गीत पिया घर क्यों ना आवै, हो रामजी! ओमसिंह अशफ़ाक पिया घर क्यों ना आवै! हो रामजी!.. पिया… Pratibimb Media15 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – चलना ही होगा तुम्हें..! कविता चलना ही होगा तुम्हें..! ओमसिंह अशफ़ाक चलना ही होगा तुम्हें बेशक कठिन है तुम्हारी ये डगर। वहां घात लगाए… Pratibimb Media14 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता- मुल्क की गेल मखौल ना कर ! कविता मुल्क की गेल मखौल ना कर ! ओमसिंह अशफ़ाक दिके दिन-धौली़ तू रौल़ ना कर ! म्हारे मुल्क की… Pratibimb Media13 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं बाम्बी ऊपर नाग बैठग्या ना रह्या आपस का प्यार रै बाबा ! बहण-भाई में… Pratibimb Media11 July 202611 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – नफ़रत से ना देश चलै रे बंदे ! कविता नफ़रत से ना देश चलै रे बंदे ! ओमसिंह अशफ़ाक अब कैसे तू निकलेगा रे बंदे ! उसने चक्रव्यूह… Pratibimb Media10 July 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – जै सनातन! जै सनातन! दे दनादन! दे दनादन!! कविता जै सनातन! जै सनातन! दे दनादन! दे दनादन!! ओमसिंह अशफ़ाक 1. सन्तो राष्ट्रवाद की आई आंधी उड़ गए नेहरू, उड़… Pratibimb Media9 July 20269 July 2026