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जयपाल की कविता- गज़ा-पट्टी

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-15 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – अर्बन एस्टेट

कविता अर्बन एस्टेट ओमप्रकाश अशफ़ाक   बाहर से बेशक तंदुरुस्त ही दिखते हैं- अर्बन एस्टेट के लोग! भीतर से लेकिन…

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विजय शंकर पांडेय की कविता – सपने छुट्टी पर हैं

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-14 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…

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केदारनाथ अग्रवाल की कविता – हवा हूँ, हवा मैं बसंती हवा हूँ

आज हिन्दी के प्रगतिशील कवि केदारनाथ अग्रवाल जी का जन्मदिन है। इस अवसर पर प्रस्तुत है उनकी एक मशहूर कविता…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – नेता, पुलिस और जेल का खेल

कविता नेता, पुलिस और जेल का खेल ओमसिंह अशफ़ाक   नेता-पुलिस का बेढब मेल, बेढब मेल..! जेल के अंदर ठेलम-ठेल..!…

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जयपाल की दो कविताएं- युद्ध के बाद

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-12 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – बन्दा रिक्शा खींच रहा है!

कविता बन्दा रिक्शा खींच रहा है! ओमसिंह अशफ़ाक नया-नया किसी गांव से आया! लगता  है  झिझका-शरमाया! ना रहने का कोई…

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बहुत नहीं थे सिर्फ चार कौए थे काले

भवानी प्रसाद मिश्र के जन्मदिन पर विशेष कविता बहुत नहीं थे सिर्फ चार कौए थे काले भवानी प्रसाद मिश्र बहुत…

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युद्ध पर बॉब डिलन की कविता: तुमने ही बनाईं सारी बंदूकें

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-10   कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – युवती कूड़ा बीन रही है!

प्रस्तुत कविता बहुजन न्यायवादी कवि ओमसिंह अशफ़ाक की पुस्तक ‘अन्याय गाथा’ के खंड आठ से ली गई है। इसमें उन…