Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

जसवीर त्यागी की दो कविताएँ

जसवीर त्यागी की दो कविताएँ जुड़ाव   कितने पत्तें डाल से जुड़े होते हैं कितनी छोटी डालें बड़ी डालों के…

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राजकुमार कुम्भज की दो कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की दो कविताऍं 1. प्रेम का मंत्र है बारिश   प्रेम का मंत्र है बारिश पीड़ाऍं धधकतीं रहतीं…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – जै सनातन! जै सनातन!  दे दनादन! दे दनादन!!

कविता जै सनातन! जै सनातन! दे दनादन! दे दनादन!! ओमसिंह अशफ़ाक 1. सन्तो राष्ट्रवाद की आई आंधी उड़ गए नेहरू, उड़…

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जसवीर त्यागी की कविता- अनमोल सुबह

कविता अनमोल सुबह जसवीर त्यागी पार्क में एक बैंच पर अकेला बैठा हूँ हालाँकि अकेला नहीं हूँ पैरों तले जमीन…

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ओम निश्चल की कविता- प्रभु जी देखो धर्म हुआ व्यापार !

कविता प्रभु जी देखो धर्म हुआ व्यापार ! ओम निश्चल   प्रभु जी देखो धर्म हुआ व्यापार ! लूटो खाओ…

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ओमसिहं अशफ़ाक की कविता – बादल़ हैं मरज़ी के मालक

कविता बादल़ हैं मरज़ी के मालक ओमसिहं अशफ़ाक   इब उमड़-घुमड़ कै बरसे बादळ ! कदे बिन पाणी थे तरसे…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – सफलता कोई मंजिल नहीं,जीवन दृष्टि की यात्रा है!

कविता सफलता कोई मंजिल नहीं,जीवन दृष्टि की यात्रा है! मंजुल भारद्वाज सफलता का क्या अर्थ है गांधी देश को आज़ाद…

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राजकुमार कुम्भज की कविता – जी रामजी

कविता जी रामजी राजकुमार कुम्भज की   वंदे मातरम् वंदे माताराम वंदे भ्राताराम वंदे तोताराम वंदे छोटाराम वंदे मोटाराम भारतमाता…

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ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं   कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी !   म्हारी कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी, तू करता फिरै…

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ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं फिर कौन बोलेगा?   आज हम बोले नहीं तो कल कौन बोलेगा! ये बेड़िया गुलामी…