जसवीर त्यागी की दो कविताएँ

जसवीर त्यागी की दो कविताएँ

जुड़ाव

 

कितने पत्तें
डाल से जुड़े होते हैं

कितनी छोटी डालें
बड़ी डालों के कंधों पर सवार रहती हैं

कितनी छोटी-बड़ी डालें
एक तने से आबद्ध रहती हैं

और एक तना
न जाने कितनी जड़ों के सिर पर सवार रहता है

दुनिया में बहुत कुछ
परस्पर एक-दूजे से बंधा है
तभी वह जिंदा है।


 

सुंदर दुनिया

एक बुजुर्ग को
सड़क पार करवायी

हम दोनों एक-दूसरे को जानते न थे

फिर भी दोनों ने
एक-दूजे की तरफ हाथ बढ़ाया

जब तक इस पृथ्वी पर
दो अजनबी हाथ
एक-दूसरे को थामते रहेंगे

तब तक
यह दुनिया सुंदर रहेगी।

 

कवि जसवीर त्यागी दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्रोफेसर हैं।

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