HomeBlogराजकुमार कुम्भज की कविता – जी रामजी राजकुमार कुम्भज की कविता – जी रामजी 7 July 2026Pratibimb Media कविता जी रामजी राजकुमार कुम्भज की वंदे मातरम् वंदे माताराम वंदे भ्राताराम वंदे तोताराम वंदे छोटाराम वंदे मोटाराम भारतमाता की जै राजमाता की जै संपत्तिराय की जै चंपतराय की जै और ये रामजी किधर है भाया? नहीं मालूम,मैं तो बैंकाक गया था जी रामजी! ————- Post Views: 225 Like 0 0 Comments
पंजाब मंत्रिपरिषद ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में नियुक्ति के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दी पंजाब मंत्रिपरिषद ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में नियुक्ति के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दी चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिपरिषद…
जयपाल की कुछ अत्यंत छोटी कविताएं जयपाल की कुछ अत्यंत छोटी कविताएं 1 श्मशान जय -जवान जय -किसान सुनते-सुनते रोया श्मशान 2 परछाई…
हिसार में जनवादी महिला समिति, महिला कांग्रेस का धरना, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन हिसार में जनवादी महिला समिति, महिला कांग्रेस का धरना, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन महिलाओं ने संसद और विधानसभाओं में…