Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

डॉ रीटा अरोड़ा की लघुकथा नज़र का सच

लघुकथा नज़र का सच डॉ रीटा अरोड़ा     “रीमा, लोग मुझे गलत क्यों समझते हैं?”   “शायद वे तुम्हें…

Blogव्यंग्यसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षाहरियाणा

रणबीर सिंह दहिया का व्यंग्य – हरियाणा की तिग्गी

व्यंग्य हरियाणा की तिग्गी रणबीर सिंह दहिया   तिग्गी का मतलब तीन चीजां का तिग्गड्डा मतलब तीन चीज इकट्ठी। एक…

Blogआलेख विचारखेती /किसानराष्ट्रीय

जल, जंगल और ज़मीन: आदिवासी और खेती के विरोध की एक सदी (1919-2026) मार्क्सवादी नज़रिए से एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

जल, जंगल और ज़मीन: आदिवासी और खेती के विरोध की एक सदी (1919-2026) मार्क्सवादी नज़रिए से एक विश्लेषणात्मक अध्ययन डॉ.…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

जसवीर त्यागी की कुछ कविताएं

जसवीर त्यागी की कुछ कविताएं जन्म —— एक दिन पेड़ से किसी पत्ते-सा टूटकर धरा पर गिरूँगा मैं समय सोख…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

डॉ रीटा अरोड़ा की लघुकथा – चिराग और तीलियां

लघु कथा चिराग और तीलियां डॉ रीटा अरोड़ा “माँ, अब किसी का फोन नहीं आता।” “पहले आता था?” “हाँ… काम…