एक कविता के माध्यम से 15 अगस्त 2026
रणबीर सिंह दहिया
15 अगस्त सैंतालिस का दिन लाखों ज्यान खपा कर आया।।
बहुत हुए कुर्बान देस पर तब आजादी का रास्ता पाया।।
1
सैंतालिस की आजादी बाद दो हजार छब्बीस आ लिया
बस का किराया याद करो आज कहाँ सी जा लिया
सीमेंट कट्टा पहले कितने का आज यो किस भा लिया
एक गिहूं बोरी दे कर सीमेंट हमने कितना पा लिया
चिन्ता ने घेर लिये जब लेखा-जोखा आज लगाया।।
2
आबादी हुई चौगुनी पर अनाज छह गुना पैदा किया
पचास मैं थी जो हालत उसमें बताओ क्या जोड़ दिया
बिना पढ़ाई दवाई खजाना सरकारी हमने भर लिया
ईमानदारी की की कमाई फिर भी जाता नहीं जिया
भ्रष्टाचार बेइमानी ने क्यों सतरंगा जाल बिछाया।।
3
ये दिन देखने के लिए भगत सिंह नै फांसी पाई थी
ये दिन देखने के लिए सुभाष बोस नै फौज बनाई थी
ये दिन देखने के लिए गांधी बापू नै गोली खाई थी
ये दिन देखने के लिए अम्बेडकर संविधान बनाई थी
नये-नये घोटाले सुण कर ये मेरा तो सिर चकराया।।
4
आजादी दिवस पर कसम उठायें नया हिंदुस्तान बणाएंगे
भगत सिंह का सपना अधूरा उसको पूरा करके दिखाएंगे
ना हो लूट खसोट देस में घर-घर जाकरअलख जगाएंगे
ये दुनिया बहुत सुन्दर हो जाए मिल कर जोर लगाएंगे
रणबीर मिलकर सोचें गया समय कब वापिस आया।।
