Blogव्यंग्यसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

रणबीर सिंह दहिया का व्यंग्य – अनैतिकता के ठेकेदार म्हारे रूखाले

व्यंग्य अनैतिकता के ठेकेदार म्हारे रूखाले रणबीर सिंह दहिया   एक चाला आजकाल कसूता देख्या अक असल मैं जो म्हारा…

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रणबीर सिंह दहिया की रागनी- महिला की दास्ताँ

रणबीर सिंह दहिया की रागनी महिला की दास्ताँ पेट मैं मारण की तैयारी, मैं सुनाऊं पूरे समाज नै।। क्यों चालै…

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रणबीर सिंह दहिया का व्यंग्य- फेर बी लाडो खड़ी सै

व्यंग्य फेर बी लाडो खड़ी सै रणबीर सिंह दहिया रै सुरते लाडो फिल्म देख्याया के? अरै जीते कितकी लाडो देखूं…

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रणबीर सिंह दहिया की रागनी- म्हारी कुर्बानी

रणबीर सिंह दहिया की रागनी- म्हारी कुर्बानी म्हारी कुर्बानी हरियाणा मैं एक दिन रंग लयावैगी। झूठ की हाण्डी फूटैगी साच…