Blogखान-पानराष्ट्रीय भारत में खाने की थाली का बदलता स्वरूप खान-पान भारत में खाने की थाली का बदलता स्वरूप पारंपरिक अनाजों से आधुनिक सुगमता की ओर डॉ. रीटा अरोड़ा … Pratibimb Media1 June 20261 June 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा समय के सामने कवि और कविता-2 (जनवादी कवि ओमसिंह अशफ़ाक की एक लोकप्रिय कविता है ‘जब इंसाफ कहीं ना होता हो'(अन्याय गाथा)। उक्त कविता के कुछ… Pratibimb Media27 May 202627 May 2026
Blogआंदोलन/ प्रदर्शन/ धरनासामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट खतरनाक बदलावः रोजगार की जगह राहत मांगने को मजबूर युवा खतरनाक बदलावः रोजगार की जगह राहत मांगने को मजबूर युवा संजीव प्रसाद घिड़ियाल देश में इस समय एक खतरनाक बदलाव… Pratibimb Media26 May 202626 May 2026
Blogआलेख विचारशिक्षा शब्दयात्री : कुलपति बनाम कुलगुरु शब्दयात्री कुलपति बनाम कुलगुरु डॉ. सुशील उपाध्याय रूढ़ हो चुके शब्दों को बदलने की मुहिम अब विश्वविद्यालयों तक पहुँच… Pratibimb Media18 April 202618 April 2026
Blogपर्यटनराष्ट्रीयविरासत कुछ कह रही है जलियांवाला बाग़ की ताज़ा हवा 13 अप्रैल ख़ूनी दिवस पर विशेष कुछ कह रही है जलियांवाला बाग़ की ताज़ा हवा अमोलक सिंह 13 अप्रैल 1919… Pratibimb Media14 April 202614 April 2026
Blogनौकरी / युवा / रोजगार युवाओं के बीच बदलती सोच और विवाह: एक गहरी उलझन युवाओं के बीच बदलती सोच और विवाह: एक गहरी उलझन डॉ रीटा अरोड़ा आज के समय में अक्सर माता-पिता चिंता… Pratibimb Media4 April 2026
Blogसमय/समाजसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट GEN-Z: बदलती शहरी जीवनशैली GEN-Z: बदलती शहरी जीवनशैली डॉ रीटा अरोड़ा पिछले कुछ दशकों तक समाज और अर्थव्यवस्था का केंद्र पारंपरिक न्यूक्लियर फैमिली हुआ… Pratibimb Media29 March 20263 April 2026
Blogसमय/समाज बदलते समय में… रिश्तों का बदलता गणित समाजिक बदलाव बदलते समय में… रिश्तों का बदलता गणित डॉ. रीटा अरोड़ा (घर में सन्नाटा है। बेटा, बहू और बेटी… Pratibimb Media28 March 2026
Blogआलेख विचारसमय/समाज डिजिटल युग में अनुभव की बदलती परिभाषा: बढ़ता हुआ पीढ़ीगत अंतर सामाजिक सरोकार डिजिटल युग में अनुभव की बदलती परिभाषा: बढ़ता हुआ पीढ़ीगत अंतर बदलती दुनिया के साथ खुद को… Pratibimb Media26 March 202626 March 2026
Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षासाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी सामाजिक समरसता के लिए सभी तबकों के नज़रिए में सकारात्मक बदलाव जरूरी: अशोक कुमार गर्ग सामाजिक समरसता के लिए सभी तबकों के नज़रिए में सकारात्मक बदलाव जरूरी: अशोक कुमार गर्ग ‘ज़हर जो हमने पीया’ पुस्तक… Pratibimb Media23 March 2026