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जयपाल की दो कविताएँ

जयपाल की दो कविताएँ 1 हम लड़ेंगे तुम्हारे लिए हे ईश्वर! हे ख़ुदा! हम लड़ेंगे तुम्हारे लिए जब तक लड़ने…

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जयपाल की युद्ध विरोधी तीन कविताएं

युद्ध के विरुद्ध युद्ध – 23 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी…

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जयपाल की कविता- हमला

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-19   कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव…

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जयपाल की कविता – हमला हुआ

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-17 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…

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जयपाल की युद्ध के बाद के  हालात पर तीन कविताएं

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-16   कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव…

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जयपाल की कविता- गज़ा-पट्टी

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-15 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…

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जयपाल की दो कविताएं- युद्ध के बाद

युद्ध के विरुद्ध युद्ध-12 कविता हमेशा युद्ध के खिलाफ़ खड़ी रही है, भले ही तानाशाह युद्ध को राष्ट्रवादी गौरव बताकर…