मुनेश त्यागी की कविता- नई देशभक्ति के गजब के अर्थ

कविता

नई देशभक्ति के गजब के अर्थ

मुनेश त्यागी

नफरत फ़ैलाने और हिंसा करने को,
विरोधियों को दुश्मन समझने को,
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

संदेह होने पर मारपीट करने को,
निर्दोषों को पीट-पीटकर मारने को,
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

दंगा फसाद झगड़ा करने को,
मकान दुकान घर जलाने को,
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग

विरोधियों को गद्दार बताने को,
झूठ को सांप्रदायिक रंग देने को,
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

देशद्रोहियों की पोल खोलने को,
देशभक्तों को, राष्ट्रद्रोही कहने को,
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

भ्रष्टाचार विरोधियों को गाली देने को
रोजगार मांगने वालों के विरोध को
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

धरना देने को, प्रदर्शन करने को
परीक्षा दुरुस्ती की मांग के विरोध को
देशभक्ति समझने लगे हैं लोग।

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