Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मेहनतकशों की सरकार बनाएंगे

कविता मेहनतकशों की सरकार बनाएंगे मुनेश त्यागी   दुनिया भर के मेहनतकशों मशालें लेकर चलना होगा, संसार में फैले अंधेरों…

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मुनेश त्यागी की कविता – जनता का जनतंत्र हमारा है

कविता जनता का जनतंत्र हमारा है मुनेश त्यागी   हर जोर जुल्म की टक्कर में जिंदा संघर्ष हमारा नारा है,…

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मुनेश त्यागी की कविता – वहां आवाज उठाना लाजिम है

कविता वहां आवाज उठाना लाजिम है मुनेश त्यागी   जहां बेटियां पेट में मरती हों जहां दुल्हन दहेज में जलती…

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मुनेश त्यागी की कविता – ओ भगतसिंह तुम जिंदा हो

कविता ओ भगतसिंह तुम जिंदा हो मुनेश त्यागी ओ भगतसिंह तुम जिंदा हो हर एक लहू के कतरे में, भिंची…

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मुनेश त्यागी की कविता – अच्छे बुरे “वादों” से भरपूर दुनिया

 कविता अच्छे बुरे “वादों” से भरपूर दुनिया मुनेश त्यागी   जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्मवाद से बचाओ पूरे के पूरे समाज को,…

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मुनेश त्यागी की कविता – भारत के हम लोगों पर

कविता “भारत के हम लोगों” पर मुनेश त्यागी , पूंजीपति सामंती सरकार पुलिस। धर्मांध अज्ञानी मक्कार, अंधविश्वासी। भ्रष्टाचार अनाचार अत्याचार…

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मुनेश त्यागी की कविता – हम चंदा तारे दिनमान बनें

कविता हम चंदा तारे दिनमान बनें मुनेश त्यागी   इस अंधकार के मौसम में हम चंदा तारे दिनमान बनें, हिंसा…