Blogआलेख विचारसमय/समाज

जनसंहार हथियारों से नहीं, शब्दों से शुरू होते हैं

विचार जनसंहार हथियारों से नहीं, शब्दों से शुरू होते हैं सतीश महम पिछले कुछ वर्षों में समाज और सार्वजनिक विमर्श…

Blogव्यंग्यसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

रणबीर सिंह दहिया का व्यंग्य – अनैतिकता के ठेकेदार म्हारे रूखाले

व्यंग्य अनैतिकता के ठेकेदार म्हारे रूखाले रणबीर सिंह दहिया   एक चाला आजकाल कसूता देख्या अक असल मैं जो म्हारा…

कोर्टप्रतिरोध/ रैली/ प्रदर्शनसमय/समाज

नोएडा के मजदूरों की लड़ाई: अदालत का फैसला, जनता की जीत! 

नोएडा के मजदूरों की लड़ाई: अदालत का फैसला, जनता की जीत! धर्मेन्द्र आज़ाद   नोएडा के हालिया मजदूर आंदोलन से…

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स्वरा भास्कर जी, असहमति भी स्त्री की स्वतंत्र आवाज़ है

स्वरा भास्कर जी, असहमति भी स्त्री की स्वतंत्र आवाज़ है रत्ना भदौरिया   आपसे मेरी अनेक सहमतियाँ हैं। आपकी बेबाकी,…