अनुपम शर्मा की कविता – खूबसूरत औरतें

कविता

खूबसूरत औरतें

अनुपम शर्मा

 

खूबसूरत औरतें
घर को संवारते-संवारते
खूबसूरत बनाते-बनाते
खुद बन जाती हैं
कब्रिस्तान -सी

जहां धीरे-धीरे
उनकी हंसी
उनका चुलबुलापन
उनके सपने
उनकी इच्छाएं
उनका विश्वास
उनका प्यार
सब दफ़न हो जाता है।

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