रागनी
धोल कपड़िये
रणबीर सिंह दहिया
मित्र बण कै वार करैं आज के धोल कपड़िये रै।
बेटा इन आली राही तूं मतना कदे पकड़िये रै।
बिना हेरा फेरी चोरी जारी ये जमा नहीं जी पावैं रै
मिलावट कर सब क्याहें मैं मुनाफा खूब कमावैं रै
बिना बात की बातां पै ये बणज्यां सैं अकड़िये रै।
बिन मेहनत कमा मुनाफा पीस्से नै पीस्सा खींचै रै
काले धन पर ऐष करैं सच्चाई तैं आंख मींचै रै
अरदास म्हारी सै इनके धोरे कै ना लिकड़िये रै।
काला धन कई तरियां के घर मैं ऐब ल्यावै फेर
दारू की लत पड़ज्या पराई बीर पै लखावै फेर
यो काला धन माणस नै घणा कसूता जकड़िये रै।
काली नैतिकता आज या धोली पै छाती आवै सै
सच्चाई कै गोला लाठी देकै रोजाना धमकावै सै
रणबीर काले की दाब मैं जमा नहीं सिकुड़िये रै।
