डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के शहीदी दिवस पर “वैज्ञानिक दृष्टिकोण” पुस्तिका का विमोचन
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अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने पुणे में आयोजित किया कार्यक्रम, अंधविश्वास उन्मूलन की जताई प्रतिबद्धता
पुणे से मिलिंद देशमुख की रिपोर्ट
पुणे। डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के 13वें शहीदी दिवस के अवसर पर, पुणे स्थित विट्ठल रामजी शिंदे पुल—जहां डॉ. दाभोलकर की हत्या हुई थी—पर अंनिस (अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति) के कार्यकर्ताओं और कई नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने विवेक की अहिंसक लड़ाई, मानवतावाद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंधविश्वास उन्मूलन के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
इस अवसर पर “वैज्ञानिक दृष्टिकोण – बच्चों में कैसे विकसित करें?” पुस्तिका का विमोचन किया गया। MKCL के मुख्य मार्गदर्शक श्री विवेक सावंत द्वारा लिखित इस पुस्तिका का विमोचन प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अरविंद गुप्ता ने महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन सपकाल की मुख्य उपस्थिति में किया।
आयुका (IUCAA) विज्ञान प्रसार केंद्र के पूर्व अधिकारी डॉ. गुप्ता ने कहा कि डॉ. दाभोलकर का योगदान दुनिया के इतिहास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए एक अतुलनीय त्याग है। उन्होंने कहा, “डॉ. दाभोलकर हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि हर चीज को परखना चाहिए। उनके द्वारा बताए गए विवेकवादी विचारों की यह लड़ाई शाश्वत है और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।”
श्री सपकाल ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि डॉ. दाभोलकर के कारण उनके भीतर विवेकवाद कैसे अंकुरित हुआ। उन्होंने आगामी वर्ष में इस दिशा में कुछ लिखने की इच्छा व्यक्त की।

इस अवसर पर अंनिस के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं ट्रस्टी दीपक गिरमे, गणेश चिंचोले, राज्य कार्यकारिणी के सदस्य प्रवीण देशमुख, मिलिंद देशमुख, नंदिनी जाधव, मुक्ता दाभोलकर, डॉ. हमीद दाभोलकर, श्रीपाल ललवाणी, राहुल थोरात, लेखक प्रभाकर नानावटी, वरिष्ठ नाट्यकर्मी अतुल पेठे और वरिष्ठ छायाकार मिलिंद जोशी उपस्थित थे।
साथ ही पुणे शहर व जिला पदाधिकारी अनिल वेल्हाळ, सचिन सोनवले, दत्तात्रय जाधव, भारत विट्ठलदास, राहुल माने और सौरभ बागडे भी मौजूद रहे। इस दौरान ‘परिवर्तन’ संस्था के परामर्शदाता राजू इनामदार और उनकी सहयोगी रेश्मा कचरे व अन्य साथियों ने आंदोलन और डॉ. दाभोलकर को समर्पित प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत किए।
