क्रिप्टो से गाय-भेड़ तक: मोदी सरकार के मंत्रियों ने अपने संपत्तिनामे में क्या-क्या घोषित किया?
शीतल पी सिंह
देश के कुछ सबसे ताकतवर केंद्रीय मंत्रियों की संपत्ति की सूची में एक दिलचस्प बात सामने आई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ताज़ा संपत्ति घोषणाओं में उनके नाम पर कोई कार दर्ज नहीं है। निर्मला सीतारमण ने हालांकि एक बजाज चेतक स्कूटर घोषित किया है।
केंद्रीय मंत्रियों की वर्ष 2025–26 की संपत्ति और देनदारियों की ताज़ा घोषणाएं प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। ये घोषणाएं 31 मार्च 2026 तक की स्थिति बताती हैं।
30 कैबिनेट मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले पांच राज्य मंत्रियों की घोषणाओं को देखने पर राजनीतिक संपत्ति की एक बेहद दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। कहीं करोड़ों रुपये की जमीन और मकान हैं, कहीं विदेशी फंड और निवेश, कहीं cryptocurrency है और कहीं गाय और सैकड़ों भेड़ें।
करीब 15 मंत्रियों के परिवारों की घोषणाओं में कारें दर्ज हैं। इनमें नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, ललन सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत और जी. किशन रेड्डी जैसे नाम शामिल हैं।
जी. किशन रेड्डी की सूची खास तौर पर ध्यान खींचती है। उन्होंने 1995 मॉडल की Maruti 800 घोषित की है, जिसकी कीमत करीब 1.10 लाख रुपये बताई गई है।
लेकिन मंत्रियों की संपत्ति की कहानी केवल मकान, जमीन, कार और बैंक खातों तक सीमित नहीं है।
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने अपनी संपत्ति में पशुधन भी दर्ज किया है। उनकी घोषणा में 34 गाय और 273 भेड़ें शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष उन्होंने 52 भेड़ें घोषित की थीं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की संपत्ति में भी पशुधन शामिल है। उन्होंने चार गाय और तीन बछड़े घोषित किए हैं।
और फिर आते हैं जयंत चौधरी।
उनकी संपत्ति में एक ऐसी चीज है जो बाकी मंत्रियों की घोषणाओं में लगभग नहीं दिखाई देती—cryptocurrency।
जयंत चौधरी और उनकी पत्नी चारु सिंह, दोनों ने crypto assets घोषित किए हैं। पिछले वर्ष भी दोनों ने cryptocurrency investment बताया था। यानी यह कोई पहली बार किया गया disclosure नहीं है। पिछले वर्ष सामने आई जानकारी में दोनों की crypto holdings की कुल कीमत 43 लाख रुपये से अधिक बताई गई थी।
दिलचस्प तस्वीर दिल्ली-NCR की संपत्तियों में भी दिखाई देती है। लगभग एक-तिहाई कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के परिवारों की घोषणाओं में दिल्ली-NCR में पहचान योग्य संपत्ति दिखाई देती है। इनमें ललन सिंह और जुएल ओराम जैसे मंत्री शामिल हैं। राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम में कई जमीन और संपत्तियां घोषित की हैं।
कुछ मंत्रियों ने हथियार भी घोषित किए हैं। ऐसी घोषणाएं अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन डॉ. वीरेंद्र कुमार, अन्नपूर्णा देवी, ललन सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत की संपत्ति विवरण में firearms दर्ज हैं।
विदेशों से जुड़े निवेश के मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवार की घोषणाएं खास तौर पर अलग दिखाई देती हैं। सिंधिया और उनकी पत्नी ने ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोप और जापान से जुड़े विभिन्न funds और ETFs में निवेश बताया है। इनमें BlackRock, iShares, Vanguard और Schroders जैसे अंतरराष्ट्रीय investment names शामिल हैं।
लेकिन इन आंकड़ों को पढ़ते समय एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए।
किसी मंत्री के पास करोड़ों की संपत्ति, विदेशी निवेश, जमीन या मकान होने का अर्थ अपने-आप यह नहीं है कि यह संपत्ति मंत्री बनने के बाद अर्जित की गई है। इनमें से बहुत-सी संपत्तियां पुरानी हैं, कुछ विरासत में मिली हैं और कई का उल्लेख मंत्रियों के 2024 के चुनावी हलफनामों में भी मिलता है।
इसलिए ये घोषणाएं मुख्यतः यह बताती हैं कि मंत्री और उनके परिवार क्या संपत्ति घोषित करते हैं, न कि यह कि वह संपत्ति कब या किस राजनीतिक कार्यकाल में अर्जित हुई।
फिर भी ये दस्तावेज देश के राजनीतिक नेतृत्व की आर्थिक दुनिया की एक असामान्य झलक जरूर देते हैं—
किसी के पास crypto, किसी के पास विदेशी funds; किसी के पास करोड़ों की जमीन, तो किसी की सूची में गाय और सैकड़ों भेड़ें। और देश के रक्षा मंत्री, गृह मंत्री तथा वित्त मंत्री की घोषणाओं में अपने नाम कोई कार दर्ज नहीं दिखाई देती।
केंद्रीय मंत्रियों को आचार संहिता के तहत अपनी संपत्ति और देनदारियों का विवरण देना होता है और प्रधानमंत्री कार्यालय इन घोषणाओं को सार्वजनिक करता है।
