Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं फिर कौन बोलेगा?   आज हम बोले नहीं तो कल कौन बोलेगा! ये बेड़िया गुलामी…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – अमलतास

कविता अमलतास मंजुल भारद्वाज हाथ में आते आते यूं फिसल जाती है ज़िंदगी कभी हवा कभी पानी कभी मिट्टी कभी…

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रणबीर सिंह दहिया की दो कविताएं

रणबीर सिंह दहिया की दो कविताएं आने वाला समय   दो हजार तीस के आते आते सुनते जाओ चार सौ…

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फादर स्टैन स्वामी की कविता

फादर स्टैन स्वामी सामाजिक कार्यकर्ता थे। वह गरीबों आदिवासियों का जीवन बेहतर बनाने के लिए काम करते थे, उनको अधिकार…

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जयपाल की दो कविताएं

जयपाल की दो कविताएं (जेल में बंद आदि वासी कार्यकर्ता 84 वर्षीय फादर स्टैन स्वामी जेल प्रशासन की क्रूरता के…

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ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं तानाशाही दस्तूर ना कर!   सत्ता का इतना गुरूर ना कर! हमें मरने पर मजबूर…

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डॉ रीटा अरोड़ा की लघुकथा : रील का जाल

 लघुकथा रील का जाल डॉ रीटा अरोड़ा     “राम-राम शर्मा जी!” गुप्ता जी ने पार्क में आवाज़ दी। शर्मा…