Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी : आज का सच 

वरिष्ठ कहानीकार ओमसिंह अशफ़ाक की सभी कहानियों में समय का सच विद्यमान रहता है। यानी जिस कालखंड में कहानी रची…

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शंभुनाथ की कविता – हाथ

कविता हाथ शंभुनाथ   हाथ कंधे पर रखा मनुष्य का विश्वास है जब जुड़ते हैं प्रार्थना बन जाते हैं और…

Blogगीत ग़ज़लसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मुनेश त्यागी का गीत- मेहनतकशों एक हो जाओ बोला हिंदुस्तान रे

गीत मेहनतकशों एक हो जाओ बोला हिंदुस्तान रे मुनेश त्यागी   जननी रोये, पत्नी रोये, रोये सारा गांव रे, अमीर…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी पलायन

भारतीय समाज वैदिक काल से ही वर्ग-विभाजित समाज रहा है। यहां “आदर्शवाद और यथार्थ” में न केवल बड़ा फासला रहा…

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मोहन मुक्त की कविता- निगाह…

कविता निगाह… मोहन मुक्त   “मडू लेसा पचु हर…” बचपन के झगड़ों में मेरे साथ के बच्चे किसी बहस में…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- पेंडुलम

एक वर्ग विभाजित समाज में शोषण सभी वर्गों का होता है और शोषणा करने वाला होता है-शासक वर्ग। अर्थव्यवस्था, रोज़गार,…

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मंजुल भारद्वाज की कविता- बौद्धिक कौम!

कविता बौद्धिक कौम! मंजुल भारद्वाज   भारत की बौद्धिक कौम असहाय है भौंचक यह कौम अधर मैं लटकी है ये…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- लेखक

कई बार हमें लगता है कि लेखकों का जीवन विशेषकर रचनाकारों-साहित्यकारों का जीवन एकदम निर्बाध होता है और उनके जीवन…

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ज़ेहरा निगाह की कविता – सुना है…

कविता सुना है… ज़ेहरा निगाह   सुना है… जंगलों का भी कोई दस्तूर (नियम) होता है सुना है… शेर का…