Blogआलेख विचारनाटक रंगमंच थियेटर

रंग चिंतन में समाहित होता है उसका अर्थ संयोजन

रंग चिंतन में समाहित होता है उसका अर्थ संयोजन मंजुल भारद्वाज (रंगचिन्तक) भाग -१ भारत देश में भारत सरकार सबसे…

Blogआलेख विचारविरासत

समाजवाद ही है दुनिया का कल्याणकारी और सुरक्षित भविष्य

समाजवाद ही है दुनिया का कल्याणकारी और सुरक्षित भविष्य मुनेश त्यागी अभी पिछले दिनों हमारे एक पाठक ने हम से…

आलेख विचारआलोचना/ लेखराष्ट्रीयसभा / संगठन/ सोसायटी

गुमनाम किसान नायिकाएँ: एक समीक्षा

गुमनाम किसान नायिकाएं डॉ. रामजीलाल विश्व में लगभग 900 मिलियन महिलाएं कृषि में काम करती हैं. लेकिन, 90 से ज़्यादा…

Blogआलेख विचारधर्म-संस्कृतिसमय/समाज

क्या होता है जब अमीर शाकाहारी लोग हिंदू धर्म को आकार देते हैं?

क्या होता है जब अमीर शाकाहारी लोग हिंदू धर्म को आकार देते हैं?   देवदत्त पटनायक   आज किसी हिंदू…

Blogआलेख विचारराष्ट्रीयशिक्षा

रोबोडॉग से परे: भारतीय उच्च शिक्षा का खोखलापन

रोबोडॉग से परे: भारतीय उच्च शिक्षा का खोखलापन   प्रमाणन की होड़ में दम तोड़ती अकादमिक गुणवत्ता    डॉ. प्रियंका…

Blogअंतरराष्ट्रीयआलेख विचारसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

तीसरा क्षेत्र (थर्ड सेक्टर):पूंजीवाद के एक सुरक्षा-कवच के रूप में

गैर-सरकारी स्वयंसेवी संगठनों और दाता एजेंसियों का असली चरित्र तीसरा क्षेत्र (थर्ड सेक्टर):पूंजीवाद के एक सुरक्षा-कवच के रूप में जोन…