Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मुनेश त्यागी की कविता – … मैं पूरा हिंदुस्तान हूं

कविता … मैं पूरा हिंदुस्तान हूं मुनेश त्यागी   मैं आधा हिंदू हूं,आधा मुसलमान हूं, कोई माने ना माने,मैं पूरा…

सभा / संगठन/ सोसायटीसमाचारसाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी

शानी ने कथा लेखन में राष्ट्रीय फलक पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई : कैलाश बनवासी

शानी ने कथा लेखन में राष्ट्रीय फलक पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई : कैलाश बनवासी रायपुर में शानी के जन्मदिवस…

Blogअंतरराष्ट्रीयआलेख विचारशोधसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

कालजयी साहित्यिक कृतियां और धार्मिक आस्था

कालजयी साहित्यिक कृतियां और धार्मिक आस्था अरुण माहेश्वरी आज के ‘टेलिग्राफ़’ में न्यूयार्क टाइम्स की एक ख़बर छपी है जिसमें…

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डा. स्वराजबीर की कविता – हम कॉकरोच हैं

कविता हम कॉकरोच हैं डा. स्वराजबीर   हम कॉकरोच हैं नौजवान हैं, मचलती हुई सोच हैं निज़ाम के पैरों में…

Blogगीत ग़ज़लसभा / संगठन/ सोसायटी

बलबीर राठी की गजलों में सादगी और रवानगी का गजब तालमेल हैः ओमप्रकाश करुणेश

बलबीर राठी की गजलों में सादगी और रवानगी का गजब तालमेल हैः ओमप्रकाश करुणेश जींद में पूर्व प्राचार्य व गजलकार…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

वर्तमान परिस्थितियों में साहित्यकार की भूमिका

साहित्य आलोचना के सरोकार वर्तमान परिस्थितियों में साहित्यकार की भूमिका ओमसिंह अशफ़ाक भूमिका का प्रश्न एक तरह से शाश्वत है,ये…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – ना जाने वो…

कविता ना जाने वो …  मंजुल भारद्वाज ना जाने वो कौन सी मिट्टी होती है जिसमें ज़िंदा क़ौम लहलहाती है…

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राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं 1. फूलों के रॅंग सपनों में   फूलों के रॅंग सपनों में ज़रुरी तो नहीं…

Blogआलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त)

साहित्य आलोचना के सरोकार ‘सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त) ओमसिंह…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – घर

कविता घर मंजुल भारद्वाज   घर मेरे अस्तित्व के सांसारिक पहलू का आयाम है सृजन की वैचारिक प्रतिबद्धता के अर्थ…