Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

अनुपम शर्मा की कविता – आखिर क्यों?

कविता आखिर क्यों? अनुपम शर्मा   मेहनत मज़दूरी करता है हाड़ मांस गलाता है पूंजीवाद की भट्टी में शोषण से…

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कविता में ‘रूपक और सोशल-मेलोड्रामा ‘

कविता में ‘रूपक और सोशल-मेलोड्रामा ‘ प्रस्तुत कविता बहुजन न्यायवादी कवि ओमसिंह अशफ़ाक की पुस्तक ‘अन्याय गाथा’ के खंड आठ…

Blogआलेख विचारसमय/समाज

फ़ासिज़्म, कम्युनिज्म और बंगाल में हिंसा

फ़ासिज़्म ,कम्युनिज्म और बंगाल में हिंसा      जगदीश्वर चतुर्वेदी   मैं जानता हूँ कि मैं स्वयं कम्युनिस्ट नहीं हूँ,बंगाल…

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उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक हिंदी पत्रकारिता के दो सौ बरस (30 मई 1826 – 30 मई 2026)

द्विशताब्दी पर चिंतन उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक हिंदी पत्रकारिता के दो सौ बरस (30 मई 1826 – 30…

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समय के सामने कवि और कविता-5

(न्याय हितेषी बहुजनकवि ओमसिंह अशफ़ाक की एक लोकप्रिय कविता है ‘जब इंसाफ कहीं ना होता हो'(अन्याय गाथा)। उक्त कविता के…