जसवीर त्यागी की पांच अत्यंत छोटी कविताएं
कुछ बातें
कुछ बातें
उससे करना चाहता था
कर नहीं पाया
वे अनकही बातें
देर-सबेर
अक्सर मुझसे बातें करती हैं।
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बदलाव
भाव बदल जाने से
दृश्य बदल जाता है
दृश्य बदल जाने से
दृष्टि बदल जाती है
दृष्टि बदल जाने से
दुनिया बदल जाती है।
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बात
बिन मिले भी
रोज उससे बात करता हूँ
कभी उसकी उपस्थिति से
तो कभी उसकी अनुपस्थिति से।
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जीवन-संघर्ष
जैसे लंबे रूट की बसें
और मालगाड़ियां
रुख़सत होने से पहले
तेल ईंधन भरती हैं
जीवन-संघर्ष में उतरने से पूर्व
मैं तुम्हें याद करता हूँ।
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कहना
मैं उससे कुछ कहना चाहता था
कह नहीं पाया
बिन कहे ही
लौट आया
कहने से पूर्व
जिसे अपने ह्रदय में कहा अनेक बार
उसके सम्मुख ही
कह नहीं सका एक बार।
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