रणबीर सिंह दहिया की आज के दौर पर एक रागनी
सिर भी म्हारा जूती म्हारी गंजे बणा कै छोड़ दिये।।
नया टोरड़ा एक ना लाया पुराने औटड़े फोड़ दिये।।
1
बिलां का खागड़ खड़या सुंसावै खुर्रियाँ माट्टी ठावै
ल्याकै बाड़ दिया म्हारे घर मैं बैरी इनै दोस्त बतावै
भारत का बुलध रम्भावै खागड़ों नै कर गठजोड़ लिए।
नया टोरड़ा एक ना लाया पुराने औटड़े फोड़ दिये।।
2
खागडां तैं बचावण नैं कहवैं ये तीन बिल बनाये सैं
विरोधियाँ नै किसान भाई बिन बात के बहकाये सैं
इन नीतियां नै देश पूरे मैं किसानों के गोड्डे तोड़ दिये।।
नया टोरड़ा एक ना लाया पुराने औटड़े फोड़ दिये।।
3
मेरी यूनियन सभा सै तेरी बन्द करां इस तकरार नै
कट्ठे होकै संघर्ष करां मार दिए म्हारी सरकार नै
तेज लड़ाई कर रणबीर मूँह खागडां के मोड़ दिये।।
नया टोरड़ा एक ना लाया पुराने औटड़े फोड़ दिये।।
