राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस पर सम्पन्न हुआ जागरूकता कार्यक्रम
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छत्तीसगढ़ तर्कशील परिषद, अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति रायपुर, ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने मिलकर प्रदेश में अंधविश्वास और काला जादू निवारण कानून बनाने की मांग उठायी
विश्वास मेश्राम, छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की रिपोर्ट
रायपुर। राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ तर्कशील परिषद, अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति रायपुर, ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने प्रदेश में अंधविश्वास और काला जादू निवारण कानून बनाने की मांग उठाई।
अंध विश्वास, काला जादू, डायन और टोनही तथा नरबलि जैसे अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए मरीन ड्राइव तेलीबांधा रायपुर में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष विश्वास मेश्राम ने महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में भी अंध विश्वास और काला जादू विरोधी कानून बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश में व्याप्त अशिक्षा और अज्ञानता का जिक्र करते हुए कहा कि बिना एक व्यापक कानून के ठगों और ढोंगी बाबाओं द्वारा झूठ फ़रेब और छल कपट द्वारा भोले भाले लोगों के शोषण को रोकने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इस अवसर पर प्रदेश के ख्यातिनाम चिकित्सक डॉ विप्लव बंद्योपाध्याय ने डॉ नरेन्द्र दाभोलकर के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं बच्चों से जानना चाहता हूं कि हमारा जन्म कैसे हुआ ? हमारे माता- पिता का, उनके माता पिता का, उनके दादा दादी, नाना नानी और उनके कई पीढ़ी पहले के लोगों का जन्म कैसे हुआ? उन्होंने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के संबंध में डार्विन की थ्योरी की जानकारी दी और सच बोलने के कारण मार दिए गए विज्ञान के शहीदों को याद किया। उन्होंने देश में व्याप्त जातिवाद को एक बड़ा अंध विश्वास बताया और कहा कि जातिवाद भारत के विकास में एक बड़ी बाधा है। हमें जल्दी से जल्दी इससे मुक्ति हेतु अपनी दकियानूसी सोच को बदलने की जरूरत है।

अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति रायपुर के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने “कोई महिला टोनही नहीं” अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने हरेली तिहार की रात श्मशान में और गांव की गलियों में महिलाओं द्वारा जादू टोना सीखने का खंडन करते हुए लोगों को मनगढ़न्त बातों को छोड़ने का आह्वान किया।
अच्छे स्वास्थ्य, बीमारियां और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर रोशनी डालते हुए छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के उपाध्यक्ष डॉ क्रांतिभूषण बंसोड़े ने बैक्टेरियल और वायरस इन्फेक्शन से हम किस तरह बीमार होते हैं? इसकी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोगों से तार्किक बनने और हर चीज पर सवाल उठाए जाने की अपील की।
छत्तीसगढ़ तर्कशील परिषद के अध्यक्ष डॉ रमेश कुमार सुखदेवे द्वारा अपने चिकित्सीय अनुभव को साझा करते हुए खून की कमी, मानसिक विभ्रम आदि के प्रकरणों को बताया और उनके विज्ञान सम्मत इलाज के बारे में बताया।
विज्ञान सभा के वरिष्ठ सदस्य उमा प्रकाश ओझा ने ग्रहों नक्षत्रों के नाम पर ठगी करने वाले धूर्तों का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि प्राचीन भारत में हमारे वैज्ञानिकों ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में की गई खोजों को लालची मानसिकता वाले लोगों ने पैसे कमाने का जरिया बना दिया।
नदी बचाओं मोर्चा के कार्यकर्ता गौतम बंदोपाध्याय ने देश के वर्तमान हालात पर टिप्पणी करते हुए युवाओं को ज्यादा सजग रहने तथा भारत के भविष्य को बचाने, जातीय और धार्मिक एकता बचाने के लिए पुरजोर अपील की।
समता सैनिक दल के कार्यकर्ता दिलीप रागासे ने शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए वैज्ञानिक शिक्षा की जरूरत पर प्रकाश बेहतर शिक्षा पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती अंजू मेश्राम द्वारा अपने संक्षिप्त संबोधन में बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक चेतना बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता बताई और उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया गया। इस आयोजन में बीएसएनल के पूर्व इंजीनियर शरद ऊके, मिथुन कुमार, सुनील गणवीर, उषा मेश्राम की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
