लोक गीत
पिया घर क्यों ना आवै, हो रामजी!
ओमसिंह अशफ़ाक
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
वो तो दूर-दूर जावै!
हो रामजी!..
वो तो दूर दूर जावै!
हो राम जी!..
लंदन भी जावै
वो तो न्यूयॉर्क भी जावै!..
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
राजा को खिलावै
वो तो राणी को खिलावै!..
हमने धमकावै!
हो रामजी!..
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
सेठ तै खिलावै!
मोटे पेट तै खिलावै!..
हमने हड़कावै!
हो रामजी!..
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
चीन भी जावै!
वो तो रूस भी जावै!..
घर तो कदि-कदि आवै!
हो रामजी!..
पिया घर क्यों ना आवै!
हो रामजी!..
