Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं 1 पहचान तुम्हारे वस्त्रों से ही तय होगी अब तुम्हारी पहचान… Pratibimb Media22 November 202522 November 2025
आलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़लपुस्तक विमोचनसाहित्य/पुस्तक समीक्षासाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी जयपाल की और पांच कविताएं ज्यों नावक के तीर-2 जयपाल की और पांच कविताएं 1. ईश्वर के कण यह बात तो सब जानते हैं… Pratibimb Media20 November 202521 November 2025
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