Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी पलायन

भारतीय समाज वैदिक काल से ही वर्ग-विभाजित समाज रहा है। यहां “आदर्शवाद और यथार्थ” में न केवल बड़ा फासला रहा…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- पेंडुलम

एक वर्ग विभाजित समाज में शोषण सभी वर्गों का होता है और शोषणा करने वाला होता है-शासक वर्ग। अर्थव्यवस्था, रोज़गार,…

कविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- लेखक

कई बार हमें लगता है कि लेखकों का जीवन विशेषकर रचनाकारों-साहित्यकारों का जीवन एकदम निर्बाध होता है और उनके जीवन…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी – मां

संतान और मां का संबंध बेजोड़ है। मां बच्चे को जन्म देती है, सुरक्षा और संरक्षण देती है। जब बच्चा…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

लाजवन्ती कहां जाए !

वर्ण व्यवस्था और पितृ सत्ता के जाल़ में फंसे हमारे समाज में स्त्री दोगुना ज्यादा शोषण उत्पीड़न की शिकार होती…

Blogसिनेमा/ शास्त्रीस संगीत/गीत/गीतकार/गायक/ संगीत/ संगीतकार फिल्म

सईद मिर्ज़ा की पांच फ़िल्में

सामाजिक सिनेमा सईद मिर्ज़ा की पांच फ़िल्में बालेंदु शेखर मंगलमूर्ति   कल से सईद मिर्ज़ा की पांच फ़िल्में देखीं। अरविन्द…