कविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिहं अशफ़ाक की कविता – बादल़ हैं मरज़ी के मालक

कविता बादल़ हैं मरज़ी के मालक ओमसिहं अशफ़ाक   इब उमड़-घुमड़ कै बरसे बादळ ! कदे बिन पाणी थे तरसे…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं   कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी !   म्हारी कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी, तू करता फिरै…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं फिर कौन बोलेगा?   आज हम बोले नहीं तो कल कौन बोलेगा! ये बेड़िया गुलामी…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो कविताएं तानाशाही दस्तूर ना कर!   सत्ता का इतना गुरूर ना कर! हमें मरने पर मजबूर…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की दो लोक-कविताएं

ओमसिंह अशफ़ाक की दो लोक-कविताएं  राम की महिमा   राम तो घट-घट बसै,उसे नहीं किसी से बैर ! जो ‘बणज’…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता- आदमजात

कविता आदमजात ओमसिंह अशफ़ाक छोटे-से आँगन में घर के रोपे थे मैंने तीन पौधे- शहद-सा मीठा आम करेला-सा कड़वा नीम…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी : उनकी राह

‘अस्तित्व का संघर्ष’ और नतीजतन ‘सिस्टम से टकराव’ बहुत सीधा, सरल और सपाट नहीं है। यह बहुत जटिल, बहु-रेखिक और…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी : पंच-फैसला

उत्तर भारतीय ग्रामीण समाज मुख्यतौर पर कृषि आधारित समाज रहा है। यूरोप, उत्तर पश्चिम एशिया और अमेरिका के बरक्स भारत…