Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- पेंडुलम

एक वर्ग विभाजित समाज में शोषण सभी वर्गों का होता है और शोषणा करने वाला होता है-शासक वर्ग। अर्थव्यवस्था, रोज़गार,…

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मंजुल भारद्वाज की कविता- बौद्धिक कौम!

कविता बौद्धिक कौम! मंजुल भारद्वाज   भारत की बौद्धिक कौम असहाय है भौंचक यह कौम अधर मैं लटकी है ये…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- लेखक

कई बार हमें लगता है कि लेखकों का जीवन विशेषकर रचनाकारों-साहित्यकारों का जीवन एकदम निर्बाध होता है और उनके जीवन…

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ज़ेहरा निगाह की कविता – सुना है…

कविता सुना है… ज़ेहरा निगाह   सुना है… जंगलों का भी कोई दस्तूर (नियम) होता है सुना है… शेर का…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी – मां

संतान और मां का संबंध बेजोड़ है। मां बच्चे को जन्म देती है, सुरक्षा और संरक्षण देती है। जब बच्चा…

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लाजवन्ती कहां जाए !

वर्ण व्यवस्था और पितृ सत्ता के जाल़ में फंसे हमारे समाज में स्त्री दोगुना ज्यादा शोषण उत्पीड़न की शिकार होती…

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होना था इंकलाबी, तू कॉकरोच पार्टी हो गया

कविता होना था इंकलाबी, तू कॉकरोच पार्टी हो गया मुनेश त्यागी बेटी मारी, बहु जलाई औरत को भी रौंद दिया,…