Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

वर्तमान हालात पर तीखा व्यंग्य करतीं ग़ज़लें

तल्ख़ियां : वर्तमान हालात पर तीखा व्यंग्य करतीं ग़ज़लें मनजीत सिंह प्रवीण फ़कीर द्वारा रचित ग़ज़ल संग्रह तल्ख़ियां का समीक्षा करने…

Blogगीत ग़ज़लसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मुनेश त्यागी का गीत- मेहनतकशों एक हो जाओ बोला हिंदुस्तान रे

गीत मेहनतकशों एक हो जाओ बोला हिंदुस्तान रे मुनेश त्यागी   जननी रोये, पत्नी रोये, रोये सारा गांव रे, अमीर…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी पलायन

भारतीय समाज वैदिक काल से ही वर्ग-विभाजित समाज रहा है। यहां “आदर्शवाद और यथार्थ” में न केवल बड़ा फासला रहा…

Blogआलेख विचारप्रतिरोध/ रैली/ प्रदर्शनसभा / संगठन/ सोसायटीहरियाणा

भिवानी से इंकार, चाहिए जिला हिसार

भिवानी से इंकार, चाहिए जिला हिसार सिवानी की दशक पुरानी न्यायसंगत मांग – डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतंत्र केवल मतदान की…

Blogआलेख विचारसमय/समाजसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

जब इंसान को मशीन से कहना पड़ा – मैं रोबोट नहीं हूँ

पासवर्ड, ओटीपी और कैप्चा के दौर में इंसानियत की परीक्षा जब इंसान को मशीन से कहना पड़ा – मैं रोबोट…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मोहन मुक्त की कविता- निगाह…

कविता निगाह… मोहन मुक्त   “मडू लेसा पचु हर…” बचपन के झगड़ों में मेरे साथ के बच्चे किसी बहस में…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- पेंडुलम

एक वर्ग विभाजित समाज में शोषण सभी वर्गों का होता है और शोषणा करने वाला होता है-शासक वर्ग। अर्थव्यवस्था, रोज़गार,…

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मंजुल भारद्वाज की कविता- बौद्धिक कौम!

कविता बौद्धिक कौम! मंजुल भारद्वाज   भारत की बौद्धिक कौम असहाय है भौंचक यह कौम अधर मैं लटकी है ये…