नरेंद्र दाभोलकर कभी मरते नहीं…

नरेंद्र दाभोलकर कभी मरते नहीं…

गुरमीत अंबाला

 

20अगस्त 2013 को पुणे में सवेरे सैर के लिए निकले डॉ. नरेंद्र दाभोलकर को हत्यारों ने रिवॉल्वर से गोलियां मार कर शहीद करके यह सोचा होगा कि वे नरेंद्र दाभोलकर को सदा के लिए मिटा रहे हैं,लेकिन वे भूल गए कि देश,समाज के हितों के लिए शहीद होने वाले लोग कभी नहीं मरते,वे सदा के लिए लोगों की स्मृति में जीवित रहते हैं।

13 साल बीत जाने के बाद भी पुणे,महाराष्ट्र के जिस स्थान ओंकलेश्वर पुल के पास उन्हें शहीद किया गया था ,उसी स्थान पर आज भी उन्हें चाहने वाले 20 अगस्त को इकट्ठे होते हैं और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उन्हें याद करते हैं। यह स्थल उनकी स्मृति में सदा के लिए उनकी तरह ही अमर हो गया है।

पुणे ही नहीं पूरे देश में जहां भी वैज्ञानिक चेतना का परचम लहराने वाले लोग मौजूद हैं उन्हें हर साल याद करते हैं उनकी स्मृति में आयोजन कर जनमानस को अंधविश्वासों से मुक्त होने का संदेश देते हैं। हत्यारों के नाम लोग भूल जाएंगे लेकिन नरेंद्र दाभोलकर सदा अमर रहेंगे।

20 अगस्त 2026 को भी हर साल की तरह देश में विभिन्न स्थानों पर वैज्ञानिक चेतना को समर्पित लोग विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें याद कर रहे हैं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विवेकवाद पर कविता पाठ एवं डाक्टर नरेंद्र दाभोलकर की पुस्तकों के अंशों का वाचन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। इसमें प्रज्ञा दया पवार, फिल्म अभिनेत्री और विज्ञान पथ को मानने वाली सोनाली कुलकर्णी, पर्ण पेठे, केतकी थत्ते और प्रदीप कोकरे अपनी प्रस्तुति देंगे। इसका संयोजन शिंपी और मुकुंद कुले ने किया है।
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर शहीदी दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा पूरे महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर आयोजन के साथ ही पुणे में चार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन 20 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक कर रही है

डॉ. नरेंद्र दाभोलकर शहीदी दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा पूरे महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर आयोजन के साथ ही पुणे में चार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन 20 अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक कर रही है।

डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के स्मृति दिवस के अवसर पर समिति की ओर से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विवेकवाद और सामाजिक परिवर्तन का संदेश देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

महाराष्ट्र में कार्यक्रमः 20अगस्त

ओंकारेश्वर पुल के पास गुरुवार, 20 अगस्त को सुबह 11 बजे महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ता और अन्य संगठनों के लोग गीतों, नारों और अभिवादन के माध्यम से नरेंद्र दाभोलकर को आदरांजलि अर्पित करेंगे।

इसी स्थान परएम.के.सी.एम. के प्रमुख डॉ. विवेक सावंत द्वारा बच्चों के लिए लिखी गई ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ विषय पर आधारित पुस्तिका का विमोचन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद गुप्ता के हाथों किया जाएगा।इसी दिन शाम 5:30 से 7:30 बजे के बीच एस. एम. जोशी सोशलिस्ट फाउंडेशन हॉल, नवी पेठ, पुणे में डॉ. दाभोलकर के 13 वें शहीदी दिवस के अवसर पर ‘मानियले नाही बहुमता'(मराठी) के नाम से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विवेकवाद पर कविता पाठ एवं डाक्टर नरेंद्र दाभोलकर की पुस्तकों के अंशों का वाचन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। इसमें प्रज्ञा दया पवार, फिल्म अभिनेत्री और विज्ञान पथ को मानने वाली सोनाली कुलकर्णी, पर्ण पेठे, केतकी थत्ते और प्रदीप कोकरे अपनी प्रस्तुति देंगे। इसका संयोजन शिंपी और मुकुंद कुले ने किया है।

21 अगस्तः पुस्तिकाओं का विमोचन

शुक्रवार, को सुबह 10 बजे मराठवाड़ा मित्र मंडल कॉलेज के सभागार में डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, कॉमरेड गोविंद पानसारे, प्रो. एम. एम. कलबुर्गी और गौरी लंकेश के जीवन और कार्य पर आधारित चार जीवन-चरित्र पुस्तिकाओं का विमोचन समारोह आयोजित किया गया है।

ये पुस्तिकाएं ‘विवेक दीप ग्रंथमाला’ का हिस्सा हैं। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुनील सुखथनकर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व प्रतिष्ठित लेखक संग्राम गायकवाड़ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मराठवाड़ा मित्र मंडल के अध्यक्ष प्रो. भाऊसाहेब जाधव की मुख्य उपस्थिति रहेगी।

22 अगस्त : शनिवार, को शाम 6 बजे राष्ट्र सेवा दल के मानेगुरुजी सभागार (तिलक पुल के पास, पार्वती पायथा, पुणे) में महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से ‘डॉ. नरेंद्र दाभोलकर स्मृति व्याख्यान’ का आयोजन किया गया है।

‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर हमले और आज का भारत’ विषय पर सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील एडवोकेट प्रशांत भूषण मुख्य वक्ता के रूप में अपना व्याख्यान देंगे। वरिष्ठ वकील एडवोकेट अभय नेवगी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

डॉ. नरेंद्र दाभोलकर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विवेकवाद, समानता और सामाजिक परिवर्तन के लिए जीवन भर जो कार्य किया, उसे आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विवेकवादी विचारों को मजबूती देने के लिए इन चारों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भाग लें।

बरनाला में तर्कशील सोसायटी का तीन दिन का कार्यक्रम

इसी तरह पंजाब में भी तर्कशील सोसायटी पंजाब अपना तीन दिवसीय कार्यक्रम शहीद नरेंद्र दाभोलकर की स्मृति को समर्पित करेगी, जिसमें तीन दिवसीय पुस्तक मेला 21अगस्त से 23अगस्त तक और अन्य कार्यक्रम तर्कशील भवन,बरनाला में आयोजित होंगे।

21 अगस्तः पुस्तक मेले का उद्घाटन

इस पुस्तक मेले में 21 अगस्त को डॉ.नरेंद्र दाभोलकर की पुत्री डॉ. मुक्ता दाभोलकर पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के बाद ‘महाराष्ट्र की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्य, उपलब्धियां और चुनौतियां’ विषय पर अपने विचार साझा करेंगी।

22 अगस्तः पंजाबी साहित्य और वैज्ञानिक चेतना पर सेमिनार

22 अगस्त को पहले सत्र में ‘पंजाबी साहित्य और वैज्ञानिक चेतना’ विषय पर प्रसिद्ध चिंतक डॉ. राजिंदरपाल सिंह , पूर्व डीन पंजाबी यूनिवर्सिटी,पटियाला मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील लेखक संघ के प्रांतीय महासचिव डॉ. कुलदीप दीप द्वारा की जाएगी। इसी दिन दूसरे सत्र में पत्रकार गौरी लंकेश को समर्पित ‘मीडिया और सांप्रदायिकता’ विषय पर प्रसिद्ध जन-पक्षधर पत्रकारों शिवइंदर, अंशुल छत्रपति, जतिंदर कौर तुड़ और नेहा दीक्षित द्वारा गंभीर विचार-चर्चा की जाएगी।

23 अगस्तः गौहर रजा का व्याख्यान

23 अगस्त को कार्यक्रमों के समापन दिवस पर प्रसिद्ध वैज्ञानिक ,चिंतक, शायर और फिल्म निर्माता प्रो. गौहर रज़ा ‘वर्तमान दौर में वैज्ञानिक सोच को चुनौतियां और हमारे कार्य’ विषय पर अपना व्याख्यान देंगे।
अंतिम सत्र में भाषा विभाग पंजाब के सहयोग से प्रसिद्ध नाटककार और निर्देशक कीर्ति कृपाल के निर्देशन में नाटक ‘सुकरात’ (पंजाबी)प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध पंजाबी के उपन्यासकार बलदेव सड़कनामा करेंगे,जो शहीद भगत सिंह के जीवन पर अभी तक एक मात्र उपन्यास के लेखक भी हैं।
इसके अतिरिक्त बच्चों, किशोरों के लिए चित्रकला,लेख मुकाबले भी 21 और 22अगस्त को होंगे। जिसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे जिन्हें बाद में सम्मानित भी किया जाएगा।

नरेंद्र दाभोलकर जैसे वैज्ञानिक चिंतक, समाज सुधारक, ज्ञान का दीपक जलाने वालों का साहित्य,उनका कार्य सदा वैज्ञानिक चेतना की अलख जगाने वालों के लिए प्रेरणा देता रहेगा ।

देश भर में उनकी याद को समर्पित कार्यक्रमों की श्रृंखला लगातार सदा जारी रहेगी,इस तरह “नरेंद्र दाभोलकर कभी मरते नहीं”…,वे वैज्ञानिक चिंतक लोगों के बीच सदा के लिए अमर हो गए है।

तर्कशील पुस्तक मेला 21 से 23 अगस्त तक बरनाला,पंजाब में

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