Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं 1. फूलों के रॅंग सपनों में   फूलों के रॅंग सपनों में ज़रुरी तो नहीं…

Blogआलेख विचारसभा / संगठन/ सोसायटीसमय /समाज

संगत का असर: हम किसके साथ बैठते हैं, वही हमारी सोच गढ़ता है

समय – समाज संगत का असर: हम किसके साथ बैठते हैं, वही हमारी सोच गढ़ता है जिंदगी की दिशा बड़े…

Blogकर्मचारीसभा / संगठन/ सोसायटीहरियाणा

सुनीता – छात्र जीवन से पकड़ ली थी संघर्षों की राह

हरियाणाः जूझते जुझारू लोग-124 सुनीता – छात्र जीवन से पकड़ ली थी संघर्षों की राह सत्यपाल सिवाच कर्मचारी आन्दोलन के…

Blogआलेख विचारव्यंग्यसमय/समाज

जो दवा के नाम पे जहर दे, उस चारागर की तलाश पूरी : अब देश बंदी की तैयारी

व्यंग्य जो दवा के नाम पे जहर दे, उस चारागर की तलाश पूरी : अब देश बंदी की तैयारी बादल…

Blogआलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त)

साहित्य आलोचना के सरोकार ‘सेवा नगर’ : मानवीय त्रासदी के ज़ख्म और पीड़ा (भाग-2) : कथा समीक्षा (दूसरी किस्त) ओमसिंह…

Blogआलेख विचारशिक्षासमय/समाज

समाजवाद ही है दुनिया का कल्याणकारी और सुरक्षित भविष्य

समाजवाद ही है दुनिया का कल्याणकारी और सुरक्षित भविष्य       मुनेश त्यागी अभी पिछले दिनों हमारे एक पाठक…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मंजुल भारद्वाज की कविता – घर

कविता घर मंजुल भारद्वाज   घर मेरे अस्तित्व के सांसारिक पहलू का आयाम है सृजन की वैचारिक प्रतिबद्धता के अर्थ…

Blogअंतरराष्ट्रीयविरासतसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

घर अब भी दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह है

अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस घर अब भी दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह है जहाँ डाँट में भी प्यार है और चुप्पियों…