Blogआलोचना/ लेखशिक्षासमय/समाज

आधुनिक साहित्य का नया बीस सूत्रीय कार्यक्रम 

डॉ जगदीश्वर चतुर्वेदी हिंदी के प्रोफेसर रहे हैं। लेखक हैं। सत्तर से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। नई तकनीक…

Blogअंतरराष्ट्रीयआलोचना/ लेखराजनीतिकविरासत

राजनीतिक कैंसर है अवसरवाद

लेनिन की पुण्यतिथि पर विशेष- राजनीतिक कैंसर है अवसरवाद   जगदीश्वर चतुर्वेदी   लेनिन का पाठ बार -बार अनेक मामलों…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

रचना से उपजी नैतिकता पर आधारित पोस्ट-रिलिजियन सामाजिक व्यवस्था की परिकल्पना

रचना से उपजी नैतिकता पर आधारित पोस्ट-रिलिजियन सामाजिक व्यवस्था की परिकल्पना सुधांशु के मिश्रा —————————————— I. सैद्धांतिक परिकल्पना: क्या हो…

Blogआलोचना/ लेखविरासतहरियाणा

कुम्हार : हरियाणवी लोकजीवन में कुंभ-शिल्प परम्परा का अध्ययन

कुम्हार : हरियाणवी लोकजीवन में कुंभ-शिल्प परम्परा का अध्ययन मनजीत सिंह, सहायक प्रोफेसर पार्ट टाइम, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र   प्रस्तावना …

Blogआलोचना/ लेखधर्म-संस्कृतिसमय/समाज

स्वामी विवेकानंद: एक दूरदर्शी मानवतावादी

स्वामी विवेकानंद: एक दूरदर्शी मानवतावादी  डॉ.रामजीलाल स्वामी विवेकानंद (बचपन का नाम – नरेंद्र नाथ दत्त; 12 जनवरी, 1863 – 4 जुलाई, 1902) स्वामी विवेकानंद प्रसिद्ध विचारक, उच्च कोटि के देशभक्त , शिक्षक, दार्शनिक ,अंतरराष्ट्रीयवादी,मानवतावादी, आध्यात्कवाद के स्टार प्रचारक ,बेहतरीन लेखक, औजस्वी वक्ता,समाज सुधारक,धार्मिक,सन्यासी, त्यागी व करश्मावादी महामानव थे. नरेंद्र नाथ विवेकानंद बन गए:एक नया अवतार नरेंद्रनाथ विवेकानंद तब बने जब खेतड़ी…

Blogआलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसम्मेलन / विचार गोष्ठी / कार्यक्रम / समारोहसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

कैलाश मनहर की कविता

कैलाश मनहर की कविता   वे मेरे अहंकार को तोड़ना चाहते थे किन्तु मैं विनम्रतापूर्वक मुस्कराता रहा और बचाये रखा…