आलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ग्रामीण जीवन, स्त्री चेतना और सामाजिक यथार्थ का संवेदनशील चित्रण के कहणा काव्य – संग्रह 

ग्रामीण जीवन, स्त्री चेतना और सामाजिक यथार्थ का संवेदनशील चित्रण के कहणा काव्य – संग्रह नीलम नारंग की पुस्तक का…

आलेख विचारआलोचना/ लेखराष्ट्रीयसभा / संगठन/ सोसायटी

गुमनाम किसान नायिकाएँ: एक समीक्षा

गुमनाम किसान नायिकाएं डॉ. रामजीलाल विश्व में लगभग 900 मिलियन महिलाएं कृषि में काम करती हैं. लेकिन, 90 से ज़्यादा…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

रूढ़िबद्धताओं और विचारधारा से भी मुक्त है नामवर सिंह की विश्वदृष्टि

(नामवर सिंह  अपने बारे में लिखी जगदीश्वर चतुर्वेदी की  किताब पढ़ते हुए) नामवर सिंह शताब्दी वर्ष पर विशेष –  …

Blogआलोचना/ लेखसिनेमा/ शास्त्रीस संगीत/गीत/गीतकार/गायक/ संगीत/ संगीतकार फिल्म

समाज की चेतना को झकझोरने की कोशिश… डार्लिंग्स और थप्पड़

समाज की चेतना को झकझोरने की कोशिश… डार्लिंग्स और थप्पड़ डॉ उर्वशी   समकालीन भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

बुद्धिजीवी और समाज की नई चुनौतियां

साहित्य चिंतन बुद्धिजीवी और समाज की नई चुनौतियां   जगदीश्वर चतुर्वेदी   साहित्य इन दिनों भेड़ों से घिर चुका है।…

Blogआलोचना/ लेखशिक्षासमय/समाज

आधुनिक साहित्य का नया बीस सूत्रीय कार्यक्रम 

डॉ जगदीश्वर चतुर्वेदी हिंदी के प्रोफेसर रहे हैं। लेखक हैं। सत्तर से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। नई तकनीक…

Blogअंतरराष्ट्रीयआलोचना/ लेखराजनीतिकविरासत

राजनीतिक कैंसर है अवसरवाद

लेनिन की पुण्यतिथि पर विशेष- राजनीतिक कैंसर है अवसरवाद   जगदीश्वर चतुर्वेदी   लेनिन का पाठ बार -बार अनेक मामलों…

Blogआलोचना/ लेखसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

रचना से उपजी नैतिकता पर आधारित पोस्ट-रिलिजियन सामाजिक व्यवस्था की परिकल्पना

रचना से उपजी नैतिकता पर आधारित पोस्ट-रिलिजियन सामाजिक व्यवस्था की परिकल्पना सुधांशु के मिश्रा —————————————— I. सैद्धांतिक परिकल्पना: क्या हो…