Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

जसवीर त्यागी की कविताएं – मनुष्यता और गलत होने से बच जाता है

जसवीर त्यागी की कविताएं – मनुष्यता और गलत होने से बच जाता है 1 मनुष्यता एक समय बाद चीज़ें खराब…

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जयपाल की छोटी-मोटी कविताएं

जयपाल की छोटी-मोटी कविताएं चिंता   दफ्तर के बाहर एक चपड़ासी बैठता है बड़े ज़ोर-ज़ोर से हँसता है ठहाके लगाकर…

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मंजुल भारद्वाज की कविता – पता नहीं?

कविता पता नहीं? – मंजुल भारद्वाज   खरपतवार सा खप जा घास सा सब जगह पसर जा जानवर चर जायेंगे…

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सांसों का हिसाब: पर्दा गिरने के बाद भी बजती रहें तालियाँ

सांसों का हिसाब: पर्दा गिरने के बाद भी बजती रहें तालियाँ जीवन की सार्थकता, उद्देश्य और एक अमिट विरासत छोड़ने…

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जसवीर त्यागी की कविताएं- कामगार स्त्री और स्वप्न

जसवीर त्यागी की कविताएं- कामगार स्त्री और स्वप्न कामगार स्त्री   वह सुडौल कामगार स्त्री शिशु को साथ लेकर आती…

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ओमसिंह अशफ़ाक का लोक गीत- पिया घर क्यों ना आवै, हो रामजी!

लोक गीत पिया घर क्यों ना आवै, हो रामजी! ओमसिंह अशफ़ाक   पिया घर क्यों ना आवै! हो रामजी!.. पिया…