जम्मू कश्मीर में भी 2009 से पहले के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली का तोहफा
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24 दिसम्बर 2009 से पहले विज्ञापित कर्मचारियों के लिए एनपीएस को किया इंडोर्स
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दिल्ली के कर्मचारियों के लिए भी बंधी उम्मीदः पटेल
जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों के लिए यह बहुत बड़ी खबर है। आज उनके यहां 24 दिसम्बर 2009 से पहले के विज्ञापित या अधिसूचित पदों पर सेलेक्ट हुए सभी कर्मचारियों को NPS से #OPS में जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

डॉ मनजीत सिंह पटेल ने अपने ट्विटर हैंडल ‘एक्स’ पर जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों को बधाई देते हुए लिखा है कि सरकार का यह फैसला इसलिए विशेष है क्योंकि 2009 की इसी तारीख के बाद वहां NPS को एंडोर्स किया गया था और तब जम्मू कश्मीर का खुद का संविधान था। चूंकि अब जम्मू कश्मीर भी 2019 से दिल्ली की तरह ही एक केंद्र शासित प्रदेश है। इसलिए दिल्ली के मामले में इससे एक बड़ी उम्मीद बन सकती है जहाँ जून 2004 से पहले की विज्ञापित/अधिसूचित कर्मचारियों ने NPS से OPS में कंसीडर किए जाने को लेकर न्यायलय का रुख किया हुआ है।
जम्मू कश्मीर की विधानसभा ने पास किया एक और ऐतिहासिक प्रस्ताव
24/25 सितम्बर को जम्मू कश्मीर की विधानसभा से एक और ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया गया है जिसमें कहा गया है कि रहबर ए तालीम यानी आरईटी के तहत नियुक्त शिक्षकों को अनिवार्य टेट से मुक्त किया जाएगा। हालांकि जम्मू कश्मीर की विधानसभा का यह प्रस्ताव तब तक मायने नहीं रखता, जब तक कि उपराज्यपाल के द्वारा इस पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार की अनुमति न मिल जाए। लेकिन इससे तमाम राज्यों के शिक्षकों को इस बात से न केवल समर्थन मिलेगा बल्कि कई राज्यों को यह हौसला भी मिलेगा कि सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य टेट के फैसले के खिलाफ वे भी अपने उन शिक्षकों के लिए यह फैसला ले सकते हैं जिनकी भर्ती उनके यहां RTE 2009 लागू होने से पहले हुई थी।
