लोगों के बुनियादी मुद्दे उठाना मीडिया की प्राथमिकता बने : नेहा दीक्षित

लोगों के बुनियादी मुद्दे उठाना मीडिया की प्राथमिकता बने : नेहा दीक्षित

  • पुस्तक मेले के दूसरे दिन पाठकों की भीड़ उमड़ी

बरनाला। प्रसिद्ध तर्कशील विचारक डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की याद में स्थानीय तर्कशील भवन में चल रहे तीन दिवसीय पुस्तक मेले के दूसरे दिन पाठकों में प्रगतिशील साहित्य खरीदने के प्रति भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर पहले सत्र में ‘पंजाबी साहित्य और वैज्ञानिक चेतना’ विषय के मुख्य वक्ता पूर्व प्रोफेसर एवं डीन डॉ. राजिंदर पाल सिंह ने कहा कि पंजाबी साहित्य वैज्ञानिक चेतना से भरा हुआ है। ऐसे प्रगतिशील साहित्य ने पंजाब सहित पूरी दुनिया में कई जन-पक्षीय मजदूर, इंकलाबी और सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से जन-विरोधी शासन व्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ नरेंद्ब दाभोलकर के जन्मदिन के मौके पर बननाला में तर्कशील सोसायटी द्वारा आयोजित सेमिनार में मौदूद श्रोता।

इस सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध विद्वान डॉ. कुलदीप सिंह दीप ने कहा कि तर्कशीलता सवाल खड़े करती है और विज्ञान उन सवालों के जवाब वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खोजकर वैज्ञानिक साहित्य के जरिए आम लोगों के सामने पेश करता है।

इससे पहले प्रांतीय सांगठनिक प्रमुख मास्टर राजिंदर भदौड़ ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और पंजाब में ऐसे पुस्तक मेले आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया और सांप्रदायिकता पर चर्चा
इसके उपरांत स्वर्गीय पत्रकार गौरी लंकेश को समर्पित सेमिनार में पत्रकार शिवइंदर के संचालन में प्रमुख पत्रकार जतिंदर कौर तुड़, नेहा दीक्षित और अंशुल छत्रपति के मीडिया पैनल द्वारा ‘मीडिया और सांप्रदायिकता’ विषय पर चर्चा की गई।

विश्वसनीयता खो रहा मीडिया

चर्चा के दौरान मुख्य रूप से यह बात सामने आई कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा आम लोगों के बेरोजगारी, महंगाई, भुखमरी और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह से भूलकर अपनी विश्वसनीयता खो रहा है। यह मीडिया कॉर्पोरेट और सत्ता की सेवा में सांप्रदायिक मुद्दों को उभारकर समाज में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।

मनिंदरजीत सिद्धू पर दर्ज किए गए झूठे केसों को रद्द करने की मांग

इस अवसर पर पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से पंजाब सरकार द्वारा पत्रकार मनिंदरजीत सिद्धू पर दर्ज किए गए झूठे केसों को रद्द करने की मांग भी की गई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए ‘अंधविश्वास और समाज’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं और विजेता छात्रों को नकद पुरस्कार एवं तर्कशील पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर क्रांति कला मंच द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों के अलावा प्रांतीय कमेटी के नेता हेम राज स्टेनो, राजपाल सिंह, राजेश अकलीया, गुरप्रीत शहणा, कुलजीत फाजिल्का, राम स्वर्ण लक्खेवाली, सुमीत अमृतसर, जूझार लोंगोवाल, मोहन बडला, सुखविंदर बागपुर, मेघ राज मित्र, दीप दिलबर, अमित मित्र, परम वेद संगरूर, जिंदर बागपुर, बूटा सिंह वाकफ, राम सिंह निर्माण, जोरा सिंह नसराली, जसपाल मानखेड़ा, तरसेम बरनाला, डॉ. राकेश जिंदल, कस्तूरी लाल, राम सिंह बंग, धर्मपाल सिंह, प्रवीण जंडवाला, बलजिंदर कौर, परमजीत कौर, डॉ. जगजीत सिंह नकोदर, सीता राम बालद कलां, हाकम सिंह, डॉ. राजिंदर, राम कुमार पटियाला, बिंदर धनौला, जसवीर सोनी, सतपाल सलोह, कुलदीप नैणेवाल, ज्ञान सिंह बठिंडा, अजायब जलालआणा, आत्मा सिंह, नारायण दत्त, शमशेर नूरपुरी, अमीश बागपुर, अवतार बरनाला आदि उपस्थित थे।

रिपोर्ट- सुमीत अमृतसर,प्रांतीय मीडिया प्रमुख, तर्कशील सोसाइटी पंजाब

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