Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

डॉ. रीटा अरोड़ा की लघुकथा : खोखले रिश्ते

लघुकथा खोखले रिश्ते डॉ. रीटा अरोड़ा   “बेटा, कब आओगे?”   माँ ने फोन पर पूछा।   “माँ, बहुत व्यस्त…