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जयपाल की कविताः मेरा गाँव मेरा बचपन

उत्तरी भारत के ग्रामीण जीवन की एक झलक /हास्य-व्यंग्य से भरपूर ‘जयपाल’ की एक रचना) मेरा गाँव-मेरा बचपन जयपाल घर…

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राजकुमार कुम्भज की तीन कविताएँ

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताएँ 1. ग्रीष्म का पता _______ ग्रीष्म का पता उस मज़दूर से पूछो जिसकी पीठ से…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतयुद्ध/संघर्ष

युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं

युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं 1. यूद्ध के बाद युद्ध के बाद बच जाएंगे कुछ पिता कुएं में…

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नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं

नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं 1 पहचान   तुम्हारे वस्त्रों से ही तय होगी अब तुम्हारी पहचान…

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ओमप्रकाश तिवारी की कविता- जंगल के फूल का कथन

कविता जंगल के फूल का कथन ओमप्रकाश तिवारी   तमाम कांटों और झाड़ियों के बीच मैं खिला था तुम्हारे लिए…