Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी : लोक-यमलोक

देश आजाद होने के बाद भी आर्थिक आजादी की लड़ाई चलती रही है। मेहनतकश तबके अपने शोषण- उत्पीड़न के खिलाफ…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी – लड़कियां और शोहदे

सांस्कृतिक रूप से पिछड़े, जातिवादी, सामंती, पुरुष-प्रधान समाज में स्त्री का संघर्ष कितना विकट और दुष्कर है, यह हम सब…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी : आज का सच 

वरिष्ठ कहानीकार ओमसिंह अशफ़ाक की सभी कहानियों में समय का सच विद्यमान रहता है। यानी जिस कालखंड में कहानी रची…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- पेंडुलम

एक वर्ग विभाजित समाज में शोषण सभी वर्गों का होता है और शोषणा करने वाला होता है-शासक वर्ग। अर्थव्यवस्था, रोज़गार,…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी- लेखक

कई बार हमें लगता है कि लेखकों का जीवन विशेषकर रचनाकारों-साहित्यकारों का जीवन एकदम निर्बाध होता है और उनके जीवन…

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ओमसिंह अशफ़ाक की कहानी – मां

संतान और मां का संबंध बेजोड़ है। मां बच्चे को जन्म देती है, सुरक्षा और संरक्षण देती है। जब बच्चा…

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लाजवन्ती कहां जाए !

वर्ण व्यवस्था और पितृ सत्ता के जाल़ में फंसे हमारे समाज में स्त्री दोगुना ज्यादा शोषण उत्पीड़न की शिकार होती…

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खंड दो : उत्तर प्रदेश को रो !

जन-कविता का सरोकार है कि उसमें श्रमजीवी जनता के ज्वलंत मुद्दे बोलचाल की भाषा (जन भाषा) में ही वर्णित किए…