व्यंग्यसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

तुम मुझे वोट दो,मैं तुम्हें डॉलर दूँगा

व्यंग्य तुम मुझे वोट दो,मैं तुम्हें डॉलर दूँगा राजकुमार कुम्भज सुभाषचंद्र बोस का ये विश्व-प्रसिद्ध कथन लगभग सभी को याद…

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राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं

राजकुमार कुम्भज की तीन कविताऍं 1.घर के भीतर घर में   घर के भीतर घर में और फिर घर के…

Blogसमय/समाजसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

दिमाग़ी-नक्सल के जुमले में…

दिमाग़ी-नक्सल के जुमले में… राजकुमार कुम्भज दिमाग़ी-नक्सल के जुमले में सुविधाओं और पूर्वाग्रहों की पहचान का मुद्दा भी खोजा जा…

Blogआलेख विचारराजनीतिकराष्ट्रीयसमय/समाज

किस-किस दिमाग़ से नक्सलवाद ख़त्म किया जाएगा?

कहीं कुछ अप्रासंगिक तो नहीं?   किस-किस दिमाग़ से नक्सलवाद ख़त्म किया जाएगा?   राजकुमार कुम्भज   इस वक़्त तो…

Blogराजनीतिकसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

सांसदों की संख्या विस्तार से बड़ा सवाल समझ विस्तार नहीं होना चाहिए?

एक पक्ष यह भी सांसदों की संख्या विस्तार से बड़ा सवाल समझ विस्तार नहीं होना चाहिए? राजकुमार कुम्भज हठी सरकारें…