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बदलाव की आहट के बीच एक विश्लेषण मेरा भी

बदलाव की आहट के बीच एक विश्लेषण मेरा भी 2047 का सपना या सत्ता की स्थायी सल्तनत की तैयारी? रत्ना…

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रत्ना भदौरिया की कविता – सत्ता, तुम्हारी पेशानी पर

कविता सत्ता, तुम्हारी पेशानी पर रत्ना भदौरिया   तुम हर गिरफ़्तारी पर समझते हो— एक आवाज़ का गला घोंट दिया…

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स्थायी सत्ता केवल दमन से नहीं, विचारधारात्मक नेतृत्व और सांस्कृतिक प्रभुत्व से चलती है: ग्राम्शी

स्थायी सत्ता केवल दमन से नहीं, विचारधारात्मक नेतृत्व और सांस्कृतिक प्रभुत्व से चलती है एंटोनियो ग्राम्शी कल्चरल हेजेमनी का सिद्धांत…