Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत जयपाल की दो कविताएँ जयपाल की दो कविताएँ 1. सर्दी आ गई है सर्दी आ गई है कहा एक बूढ़े आदमी ने अपने… Pratibimb Media8 December 20258 December 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज जयपाल की दो कविताएँ जयपाल की दो कविताएँ 1. सर्दी आ गई है सर्दी आ गई है कहा एक बूढ़े आदमी ने अपने… Pratibimb Media6 December 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज जयपाल की कविताः मेरा गाँव मेरा बचपन उत्तरी भारत के ग्रामीण जीवन की एक झलक /हास्य-व्यंग्य से भरपूर ‘जयपाल’ की एक रचना) मेरा गाँव-मेरा बचपन जयपाल घर… Pratibimb Media4 December 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की दो कविताएं कविताएँ 1. दादी मां जयपाल वे कहते हैं दादी मां को दिखाई नहीं देता पर घर में हर कोई… Pratibimb Media29 November 202529 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतयुद्ध/संघर्ष युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं युद्ध के विरुद्ध जयपाल की दो कविताएं 1. यूद्ध के बाद युद्ध के बाद बच जाएंगे कुछ पिता कुएं में… Pratibimb Media28 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा जयपाल की पांच प्रेम कविताएं जयपाल की पांच प्रेम कविताएं 1. शिकायत वह लिखती रही प्रेम-पत्र करती रही शिकायत जवाब भी मिलता रहा साथ… Pratibimb Media26 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय /समाज दलित- विमर्श पर जयपाल की पांच कविताएं दलित- विमर्श पर जयपाल की पांच कविताएं 1. पगड़ी पांच साल बाद आज फिर नेता जी आ गए… Pratibimb Media24 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं नफ़रत के दौर पर जयपाल की दो कविताएं 1 पहचान तुम्हारे वस्त्रों से ही तय होगी अब तुम्हारी पहचान… Pratibimb Media22 November 202522 November 2025
आलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़लपुस्तक विमोचनसाहित्य/पुस्तक समीक्षासाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी जयपाल की और पांच कविताएं ज्यों नावक के तीर-2 जयपाल की और पांच कविताएं 1. ईश्वर के कण यह बात तो सब जानते हैं… Pratibimb Media20 November 202521 November 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत ज्यों नावक के तीर: जयपाल की पांच कविताएं ज्यों नावक के तीर: जयपाल की पांच कविताएं 1. प्रदूषण बोली, भाषा, साहित्य सभ्यता, संस्कृति और इतिहास यह सच… Pratibimb Media19 November 202519 November 2025